देश

Oxygen supply : हाईकोर्ट की सलाह पर गृह मंत्रालय ने रोकी इंडस्ट्री की ऑक्सीजन सप्लाई

कोरोना ने देश में अपना आतंक फैला रखा है। भारत में एक दिन में 3,15 हजार मामले दर्ज हो रहे है। और 2 हजार मौतें हो रही है। जो अपने आप में एक वैश्विक रिकॉर्ड है और बेहद चिंताजनक भी है। देश की चिकित्सा सेवाएं भी बिगड़ती ही जा रही है। लगभग पूरे देश में कोरोना के मरीजों को ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही है। देश में कोरोना के मरीजों की मौत बढ़ती ही जा रही है। देश की इस भयानक स्थिति को देखते हुए  गृह मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने इंडस्ट्रीज के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई पर आज से रोक लगा दी है। देशभर में सुचारू रूप से ऑक्सीजन सप्लाई हो इसलिए गृह मंत्रालय ने यह आदेश जारी किया। इसे पहले बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को इंडस्ट्रीज की ऑक्सीजन सप्लाई फौरन रोकने का निर्देश दिया था। इसके बाद गृह मंत्रालय ने यह फैसला लिया है। इस फैसले के बाद जनता को परेशानी कम हो जाएगी। सबसे ज्यादा हालत दिल्ली की खराब है।

इसे भी पढ़ें Corona Crisis: AIIMS  के पूर्व निदेशक ने कहा- अस्पतालों में ना मिले व्यवस्था तो ऐसे बनाएं सेल्फ वेंटीलेटर

कुछ इंडस्ट्री को मिलेगी छूट

इस फैसले के बाद सरकार ने कुछ इंडस्ट्री को छूट दी है।इस छूट के बाद ही  इंडस्ट्री को ही ऑक्सीजन की सप्लाई होगी। आदेश के मुताबिक औद्योगिक जरूरत के लिए ऑक्सीजन सप्लाई आज से नहीं की जा सकती है. सिर्फ 9 श्रेणियों को छोड़कर ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले, ऑक्सीजन का निर्माण करने वाले प्लांट और ऑक्सीजन की आवाजाही करने वाले वाहनों पर कोई रोक नहीं होगी।

दिल्ली का एक और अस्पताल पहुंचा कोर्ट

बता दें कि देशभर के अस्पताल ऑक्सीजन की भारी कमी से जूझ रहे हैं। दिल्ली में हालात और भी ज्यादा खबरा हैं। ऑक्सीजन की सप्लाई को लेकर अब तक कई अस्पताल हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। गुरुवार को कोविड मरीजों के लिए समर्पित सरोज सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ के समक्ष याचिका लगाई। इसपर सुनवाई जारी है।

कोर्ट ने कहा- ऑक्सीजन पर पहला हक मरीजों का

इससे पहले बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को इंडस्ट्रीज की ऑक्सीजन सप्लाई फौरन रोकने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने मैक्स अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि ऑक्सीजन पर पहला हक मरीजों का है।

कोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार

कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि यह कैसे मुमकिन है कि सरकार जमीनी हकीकत से इतनी बेखबर हो जाए? हम लोगों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकते हैं।  कल हमें बताया गया था कि आप ऑक्सीजन खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, उसका क्या हुआ? यह आपातकाल का समय है. सरकार को सच्चाई बतानी चाहिए। कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि औद्योगिक संस्थानों में ऑक्सीजन की जो सप्लाई हो रही है, उसे क्यों न कोरोना मरीजों के लिए अस्पतालों को दिया जाए. कोर्ट ने कहा है कि इंडस्ट्री ऑक्सीजन का इंतजार कर सकती हैं, लेकिन मरीज नहीं. कोर्ट ने आगे कहा है कि मानवीय जान खतरे में है।

 देश में हालत खराब

कोरोना से देश में हालत खराब हो रखी है। एक दिन में 3,15 लाख कोरोना मरीज इस साल का चिंताजनक आंकड़ा है। देश में कोरोना मरीजों के शवों को जलाने के लिए शमशान घाट कम पड़ रहे है। लोग अपने शवों के अंतिम संस्कार के लिए इंतज़ार कर रहे है। इसी क्रम में सरकार जनता से जागरूक और सतर्क रहने की अपील कर रही है। अनावश्यर घर से बाहर ना निकले। मास्क लगाये रखे। और ज्यादा से ज्यादा कोरोना का टीकाकरण करवाये। कोरोना टीकाकरण अभी सबसे कारगर उपाय है।

इसे भी पढ़ें MP: Covid 19 के बीच महंगाई की मार, यात्री बसों के किराए में 75% तक बढ़ोतरी

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *