पाक,चीन सीमा पर चुनौतियों से निपटने के लिए सैनिकों की प्रशंसा

नई दिल्ली। सेना प्रमुख बिपिन रावत ने पाकिस्तान और चीन सीमा के पास विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए अपने सैनिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूर्वी और पश्चमी सीमा पर हमारे सैनिकों ने ‘अभिनव’ तरीके से कठिन स्थितियों का सामना किया है।

सेना के शीर्ष कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ने ने इस बात पर जोर दिया कि सेना ने नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) के नापाक मंसूबों और जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों की गतिविधियों को नाकाम किया। सेना के कमांडरों का यह सम्मेलन 14 अक्टूबर से शुरू हुआ और इसका समापन 19 अक्टूबर को होगा। सूत्रों के मुताबिक सम्मेलन में जम्मू कश्मीर समेत देश के समक्ष सुरक्षा चुनौतियों की व्यापक समीक्षा की जा रही है और इन चुनौतियों से निपटने के लिए रणनीतियां बनाई जाएगी।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शीर्ष कमांडर कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तैनात बलों की जरूरतों की समीक्षा करेंगे और उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए उपायों को अंतिम रूप देंगे। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जमीनी स्थिति से जुड़े कार्यों और परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सैन्य कमांडरों के सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होगी।

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सेना प्रमुख ने अपने संबोधन में परिचालन क्षेत्रों में सैनिकों की नवीनता और कौशल पर प्रकाश डाला। जनरल रावत ने पूर्वी और पश्चिमी सीमा पर विभिन्न चुनौतियों का दृढ़तापूर्वक सामना करने के लिए अपने सैनिकों की सराहना की। उन्होंने परिचालन समीक्षाओं के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित विभिन्न मामलों की तेजी से सुनवाई करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की प्रशंसा की।
सैन्य कमांडरों का सम्मेलन हर वर्ष अप्रैल और अक्टूबर में आयोजित किया जाता है। सूत्रों ने बताया कि कमांडरों ने पाकिस्तानी ड्रोनों के सीमा पार से पंजाब में हथियार गिराये जाने की घटनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।

 

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