7 Years Of Modi Goverment: मोदी सरकार ने 7 सालों में किये 'काम' या किया 'कारनामा', बात आंकड़ों पर.... - Naya India
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7 Years Of Modi Goverment: मोदी सरकार ने 7 सालों में किये ‘काम’ या किया ‘कारनामा’, बात आंकड़ों पर….

New Delhi: देश में प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा को शासन करते कल 7 साल पूरे हो गए. इन 7 सालों में प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव के दौरान किए गए कई वादों को पूरा किया तो अभी भी कई ऐसे वायदे हैं जो अधूरे हैं. तो आइए जानते हैं कि मोदी सरकार के 7 साल कैसे रहे और इन 7 सालों में प्रधानमंत्री मोदी क्या करते रहे. अगर हम सिर्फ आंकड़ों पर बात करें तो 7 सालों में 2555 दिन होते हैं. आपको यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि प्रधानमंत्री मोदी इन 7 सालों में 682 दिन दिल्ली से बाहर रहे. सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार इनमें से 212 दिन प्रधानमंत्री मोदी विदेश यात्रा कर रहे. इसका साफ मतलब है कि पीएम मोदी हर 11 वें दिन विदेश यात्रा में रहे. इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी इन 7 सालों में 470 दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में रहे. मतलब हर तीसरे दिन प्रधानमंत्री दिल्ली से बाहर रहे.

PM के प्रचार में खर्च हुए 7568 करोड़

आपको यह जानकर भी आश्चर्य हो सकता है कि इन 7 सालों में पीएम मोदी के प्रचार पर करीब 7658 करोड रुपए का खर्च आया. इसमें 2019 और 2020 कोरोना से ग्रसित काल था शायद इसलिए इस साल सबसे कम 713 करोड रुपए प्रचार में खर्च किए गए. यहां यह भी बता दें कि सबसे अधिक खर्च 2017 और 2018 में किया गया जो 1313 करोड़ था.

200 से अधिक योजनाओं का ऐलान

प्रधानमंत्री मोदी शुरू से ही अपनी योजनाओं के ऐलान के लिए जाने जाते रहे हैं. इन 7 सालों में भी प्रधानमंत्री ने 200 से अधिक योजनाओं की घोषणा की. यह और बात है कि अधिकांश योजनाएं धरातल पर आते आते फेल हो गई. अगर योजनाओं के बारे में और बेहतर समझना है तो आंकड़ों को ऐसे समझे कि मोदी सरकार ने हर 11 वें दिन एक योजना की घोषणा कर दी.

शायद ही इतने कम रोजगार किसी और पीएम ने दिए हों

रोजगार की बात करें तो इसमें भी मोदी सरकार कोई खास कारनामा करके नहीं दिखा पाई. चुनाव के पहले मोदी सरकार ने यह वादा किया था कि वह हर साल 2 करोड़ लोगों को नौकरी दिलवाएंगी. लेकिन इन 7 सालों में कुल 8,87,335 नौकरियां ही दिला पाई. बता दें कि यह आंकड़ा ऐसा है जिस पर मोदी सरकार को गंभीरता से काम करना पड़ेगा. यही कारण है कि देश में बेरोजगारी की स्थिति भी भयावह बन गई है और कोरोना के समय में तो बेरोजगारी अपने चरम पर पहुंच गई है. एक सर्वे द्वारा जारी किए गए आंकड़ों की मानें तो पिछले 1 साल में करीब डेढ़ करोड़ लोगों की नौकरियां चली गई.

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राम मंदिर की आधारशिला रखी और कश्मीर से 370 भी हटवाया

भारतीय जनता पार्टी के निर्माण के समय से ही उसके एजेंडा में राम मंदिर और कश्मीर से 370 की धारा हटवाना शामिल था. ऐसे में कहा जा सकता है कि प्रधानमंत्री मोदी भाजपा के ऐसे पीएम बने जिन्होंने इन दोनों ही एजेंडों पर काम किया. हालांकि राम मंदिर का निर्णय तो सुप्रीम कोर्ट ने दिया लेकिन प्रधानमंत्री ने राम मंदिर की आधारशिला रख कर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया. इसमें कोई शक नहीं कि कश्मीर से धारा 370 हटाने का पूरा शहर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जाता है.

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