ताजा पोस्ट | देश | बात बतंगड़

PM मोदी की शेविंग के लिए एक चायवाले ने किया ₹100 का मनीऑर्डर, कहा-बढ़ाना है तो रोजगार बढ़ाएं

बारामती | प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल चुनाव के पहले से ही दाढ़ी बढ़ाए रखी है. अब पीएम मोदी ने ऐसा क्यों कर रखा है यह तो किसी को भी नहीं पता लेकिन उम्मीद की जा रही थी कि बंगाल चुनाव के बाद पीएम मोदी अपनी शेविंग करवा लेंगे. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. सोशल मीडिया पर कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी कोरोना के मद्देनजर अपनी शेविंग नहीं करा रहे हैं. कारण जो भी हो लेकिन अब एक मजेदार किस्से सुनने को मिला है. महाराष्ट्र में चाय बेचने वाले एक शख्स ने प्रधानमंत्री मोदी को दाढ़ी कटवाने के लिए ₹100 का मनी ऑर्डर भेजा है. यह सुनकर आपको जरूर थोड़ा अजीब लगेगा लेकिन यह खबर सच है.

मेहनत की कमाई से प्रधानमंत्री मोदी को ₹100 भेज रहा हूं

मनी ऑर्डर भेजने वाले शख्स का नाम अनिल मोरे बताया जा रहा है. अनिल मोरे ने कहा है कि कोरोना लॉकडाउन के कारण कई लोगों का कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है. लोगों के पास रोजगार बंद है ऐसे में यदि प्रधानमंत्री को कुछ बढ़ाना है तो उन्हें रोजगार बढ़ाना चाहिए. अनिल का कहना है कि मैं अपनी मेहनत की कमाई से प्रधानमंत्री मोदी को ₹100 भेज रहा हूं जिससे कि प्रधानमंत्री मोदी दाढ़ी शेव करा लें. अनिल मोदी ने पीएम मोदी को सलाह दी कि अगर प्रधानमंत्री कुछ बढ़ाना ही चाहते हैं तो देश में रोजगार के ऑप्शंस बढ़ाएं और वैक्सीनेशन सेंटर बढ़ाएं और लोगों की समस्याओं को हल करने में अपना ध्यान केंद्रित करें.

इसे भी पढ़ें-  Boolywood एक्टर Boman Irani की मां का निधन, सोशल मीडिया पर डाली भावुक पोस्ट

चाय की दुकान चलाते हैं अनिल मोरे

बता दें कि अनिल महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और बारामती में एक चाय की दुकान चलाते हैं. अनिल का कहना है कि उन्होंने लॉकडाउन और कोरोना काल में कई लोगों को पूरी तरह से बर्बाद होते हुए देखा है. अनिल बताते हैं कि उनके साथ काम करने वाले कई लोग अपनी दुकानों को बंद कर गांव जा चुके हैं, इसी से परेशान होकर उन्होंने प्रधानमंत्री को शेविंग कराने की सलाह दी है और देश की लोगों की समस्याओं से रूबरू होने को कहा है.

इसे भी पढ़ें-  COVID-19 Update: देश में 6148 मरीजों की मौत ने फिर चौंकाया, 24 घंटे में सामने आए 94,052 नए मामले

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा पोस्ट | समाचार मुख्य

कोरोना से मरने वालों के परिजनों को सरकार मुआवजा नहीं दे सकेगी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वह कोरोना से मरने वाले हर मरीज के परिजनों को मुआवजा नहीं दे सकती है। कोरोना से मरे लोगों के परिजनों को मुआवजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार ने अपना हलफनामा दायर किया है, जिसमें उसने कहा है कि वह सबको मुआवजा नहीं दे सकती है। केंद्र ने अपने हलफनामे में कहा है कि कोरोना से जिनकी मौत हुई है, उनके परिवारों को सरकार चार लाख रुपए का मुआवजा नहीं दे सकेगी। साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कोरोना से होने वाली हर मौत को कोविड मौत के रूप में दर्ज किया जाएगा।

सरकार ने कहा है कि आपदा कानून के तहत अनिवार्य मुआवजा सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़ आदि पर ही लागू होता है। सरकार का कहना है कि अगर एक बीमारी से होने वाली मौत पर मुआवजा दिया जाए और दूसरी पर नहीं, तो यह गलत होगा। केंद्र ने 183 पन्नों के अपने हलफनामे में यह भी कहा है कि इस तरह का भुगतान राज्यों के पास उपलब्ध राज्य आपदा मोचन कोष यानी एसडीआरएफ से होता है। अगर राज्यों को हर मौत के लिए चार लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया गया, तो उनका पूरा फंड ही खत्म हो जाएगा।

केंद्र का कहना है कि अगर कोरोना से मरे लोगों को चार लाख का मुआवजा देने का राज्यों को निर्देश दिया गया तो इससे कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई के साथ ही बाढ़, चक्रवात जैसी आपदाओं से भी लड़ पाना असंभव हो जाएगा। केंद्र ने अदालत को बताया कि कोरोना से होने वाली सभी मौतों को कोविड से हुई मौत के रूप में ही रिकार्ड किया जाना चाहिए। फिर चाहे वह मौतें कहीं भी क्यों न हुईं हों।

गौरतलब है कि अब तक सिर्फ अस्पतालों में हुई कोरोना संक्रमितों की मौत को ही कोविड डेथ के रूप में रिकार्ड किया जाता था। घर पर या अस्पताल की पार्किंग या गेट पर होने वाली मौतों को भी कोविड रिकार्ड में दर्ज नहीं किया जा रहा था। इस वजह से मौत के आंकड़ों में विसंगतियां देखने को मिल रही थीं। सरकार ने इस तरह की हर मौत को कोविड डेथ के रूप में दर्ज करने की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को करेगा।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *