राजा हो या रंक, कोरोना ने किसी को नहीं बक्शा..हैदराबाद के नेहरू चिड़ियाघर में 8 बब्बर शेर कोविड पॉजिटिव

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इंसान हो या जानवर कोरोना किसी को नहीं बक्श रहा है। भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का प्रकोप चल रहा है। जिसने भारत में कोहराम मचा रखा है। लेकिन जनवरों में पुराना वैरिएंट ही पाया गया है। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के चिड़ियाघर में 8 एशियाई बब्बर शेर कोरोना संक्रमित पाये गये है। डॉक्टरों ने इन आठों शेरों को कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद क्वारंटीन कर दिया है। भारत में इंसानों द्वारा जानवरों में कोरोना संक्रमण फैलने का यह पहला मामला है। इन शेरों में चार शेरनिया और चार शेर है।  RT-PCR टेस्ट कराने पर पता चला है कि ये आठों शेर कोरोना वायरस के पुराने वैरिएंट से संक्रमित हैं। भारत में पहले ही शेरों की कमी है उपर से शेर भी कोरोना संक्रमित हो गये है। हैदराबाद के नेहरू जूलोजिकल पार्क का बताया जा रहा है।

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शेरों का रखा जा रहा पुरा ध्यान

19 अप्रैल को सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) में इन शेरों के स्वैब जांच के लिए भेजे गए थे। इसके बाद ये पुष्टि हुई कि ये आठों शेर कोरोना संक्रमित हैं। CCMB के डायरेक्टर डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि ये शेर काफी तेजी से रिकवर कर रहे हैं।ये ढंग से खाना भी खा रहे हैं। हमने शेरों के साथ तरह से पेश आना है, इसकी डिटेल चिड़ियाघर के कर्मचारियों के साथ शेयर कर दिया है। इसमें शेरों के खान-पान और ख्याल रखने के तरीके लिखे हैं।

ऐसे किया शेरों का टेस्ट

यह पहली बार है जब देश में इंसानों के जरिए किसी जीव को कोरोना संक्रमण हुआ है। हालांकि अभी तक किसी घरेलू जानवर में इंसानों के जरिए कोरोना संक्रमण का मामला सामने नहीं आया है। CCMB ने संबंधित अथॉरिटी को पत्र लिखकर इन आठों शेरों के मल का सैंपल भी मंगाया है। 1 मई को ही पर्यावरण, जंगल और जलवायु मंत्रालय ने  ने सभी चिड़ियाघरों, पार्क और सेंचुरी को बंद करने का निर्देश दिया है। नेहरू जूलॉजिकल पार्क के अधिकारियों ने शेरों का सैंपल लेने के लिए पहले उन्हें बेहोशी की दवा देकर सुला दिया।इसके बाद उनके नाक, गले और रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट से स्वैब निकाला।  ये सैंपल तब लिए गए जब ये सारे शेर सांस लेने के मामले में दिक्कत महसूस कर रहे थे। ये ज्यादा छींक रहे थे और हांफ रहे थे।

कोरोना गाइडलाइन्स का किया जा रहा पालन

CCMB की जांच में पता चला है कि इन आठों शेरों में चिंता पैदा करने वाला संक्रमण नहीं है। क्योंकि इनके शरीर में कोरोना का कोई नया वैरिएंट नहीं है। इन शेरों के खाने-पीने में कोई कमी नहीं है। इनकी दवाइयां चल रही हैं। ये सामान्य व्यवहार कर रहे हैं।  चिड़ियाघर के कर्मचारियों के लिए सभी सुरक्षात्मक कदम उठा लिए गए हैं। साथ ही उन्हें कुछ गाइडलाइंस दी गई है, जिनका पालन करने को कहा गया है सेंट्रल जू अथॉरिटी ने भी हैदराबाद के नेहरू जूलॉजिकल पार्क को गाइडलाइंस भेजी हैं। साथ ही ये भी बताया है कि इस समय क्या करना चाहिए और क्या नहीं। फिलहाल चिड़ियाघर को बंद कर दिया गया है। यहां आम लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

शेरों तक कैसे पहुंचा कोरोना वायरस?

हमारी सहयोगी वेबसाइट WION के मुताबिक सीसीएमबी के डायरेक्टर राजेश मिश्रा ने बताया कि इसकी वजह उनतक कर्मचारियों के माद्यम से पहुंचने वाला मीट भी हो सकता है।  उन्होंने कहा कि इस मामले के सामने आने के बाद एक बात तो साफ हो गई है कि सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि कोरोना वायरस जानवरों में भी फैल रहा है।खतरे वाली बात ये है कि इंसानों से जानवरों तक ये वायरस फैल रहा। जोकि बेहद खतरनाक है।उन्होंने कहा कि ये कोरोना वायरस का कोई नया वेरियंट नहीं है, बल्कि इंसानों में मिल रहा सामान्य कोरोना वायरस ही है।इन शेरों की सेहत और निगरानी के लिए इंडियन वेटरीनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट उत्तर प्रदेश,  लगातार नजर बनाए हुए हैं पिछले साल अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों के चिड़ियाघरों में कुछ जीव कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उसके बाद कई महीनों तक ऐसी कोई खबर नहीं आई थी। भारत में पहली बार जानवरों के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर आई है। अभी तक इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि जानवरों से इंसानों में कोरोना का संक्रमण फैला हो

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साभार - ऐसे भी जानें सत्य

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