मौत की लुकाछिपी : बीकानेर में ड्रम में छिपे पांच भाई—बहिनों की मौत, खबर सिर्फ सूचना नहीं है, यह सावधानी रखने को आगाह करती है - Naya India
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मौत की लुकाछिपी : बीकानेर में ड्रम में छिपे पांच भाई—बहिनों की मौत, खबर सिर्फ सूचना नहीं है, यह सावधानी रखने को आगाह करती है

napasar five child died

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जयपुर | राजस्थान (Rajasthan) के बीकानेर (Bikaner) जिले के नापासर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हिम्मतसर गांव में अनाज रखने के लिए बने एक ड्रम में लुका—छिपी (Hide and seek) खेल रहे पांच भाई—बहिनों की दम घुटने से मौत हो गई। एक दिन पहले झुंझुनूं जिले में भी सुरंग खोदते समय लुका—छिपी खेल रहे तीन बच्चों की मिट्टी ढहने से मौत हो गई थी। यह दोनों ही खबरें सिर्फ आठ मासूम जिंदगियों की मौत की दु:खद सूचना मात्र नहीं है बल्कि हमें चेतावनी देती है कि हम अपने बच्चों का किस तरह ध्यान रख रहे हैं।

बीकानेर जिले के नापासर थाना क्षेत्र के हिम्मतसर गाँव में चार सगे भाई बहिन सेवाराम (4), रवीना (7), राधा (5) और पूनम (8) पुत्र भीयाराम और इनकी फुफेरी बहिन माया लुका छिपी खेल रहे थे। अचानक वे खाद्यान्न का भंडारण करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रम में घुस गए। मां ने कई देर तक उन्हें ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिले। अचानक जब उसने अनाज की कोठी का ढक्कन हटाया तो बच्चे वहां अचेत पड़े थे। एक दिन पहले झुंझुनू जिले के उदयपुरवाटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत टोडपुरा गाँव में पांच फीट गहरी सुरंग खोदकर लुका—छिपी खेल रहे तीन बच्चे एक बालू के टीले के एक हिस्से के ढह जाने से मौत का शिकार हो गए थे।

बीकानेर जिले वाली घटना के वक्त भीयाराम का परिवार खेत में गया हुआ था। इसी दौरान चार भीयाराम के बेटे-बेटियां और भीयाराम की भांजी माली पुत्री मघाराम घर पर खेल रहे थे। ये बच्चे खेलते—खेलते लोहे की चादर से बनी अनाज की टंकी जिसे कोठी भ्ज्ञी बोलते हैं और उसमें घुस गए। बच्चों के घुसते ही ढक्कन नीचे आ गया और बंद हो गया। टंकी 5 फीट गहरी और करीब 3 फीट चौड़ी है। यह इतनी भारी है कि बच्चे चाहकर भी इसे नहीं खोल सकते थे। वहीं एक दिन पहले ही टोडपुरा व बागोरियों की ढाणी के चार बच्चे सुरंगनुमा घर टीले के नीचे बनाकर खेल रहे थे। अचानक मिट्‌टी का टीला ढह गया इससे चारों दब गए। तीन की मौत हो गई, वह एक घायल हो गया।

हमें रखनी होगी सावधानी
देखने वाली बात यह है कि दोनों ही हादसे बच्चों की नासमझी की वजह से होने की बात सामने आ रही है। परन्तु परिजनों को अपने बच्चों को लेकर और सावधान होने की जरूरत है। बच्चों का ध्यान रखें कि वह क्या और कैसे खेल रहे हैं। मासूम बच्चों की दर्दभरी मौत के खयाल मात्र से मन कांप जाता है। ऐसे में बच्चों को लेकर हमें अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। जबकि हमारे आसपास के हालातों में हादसों वाली वस्तुओं की संख्या और स्थितियां बहुतायत में बढ़ी है।

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