सरकार गिराने में लगी भाजपा: गहलोत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर राज्य सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है। राज्यसभा के दोवार्षिक चुनावों के समय इस किस्म के आरोप लगे थे और तब कांग्रेस ने अपने विधायकों को एक रिसॉर्ट में रखा था। उसके बाद पहली बार शनिवार को मुख्यमंत्री ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के नेताओं ने मानवता की सारी हदें पार कर दी हैं। गहलोत ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा- एक तरफ हम कोरोना से जिंदगी बचाने में लगे हैं। वहीं, ये लोग सरकार गिराने में लगे हैं।

गहलोत ने कहा- हमें, हमारे मंत्रियों को सरकार बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। हम कोरोना से जंग में लड़ रहे हैं। वे लोग इसी में लगे हैं कि सरकार किस तरह से गिरे, कैसे खरीद फरोख्त करें। ये अब खुल कर देश के सामने आ गए हैं। बकरा मंडी में जिस तरह से बकरे बिकते हैं, इस प्रकार ये लोग राजनीति करना चाहते हैं। गोवा, मणिपुर में देखिए, वहां पर कांग्रेस की सरकारें बदली गईं।

गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा- उत्तरखंड में पांच मंत्री वो हैं, जो कांग्रेस से गए। महाराष्ट्र में कमाल हो गया। बहुमत नहीं था, तब भी शपथ दिला दी गई। मध्य प्रदेश में सभी को मालूम है क्या हुआ। इनकी सोच ही यहीं है। मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं के नाम लेकर आरोप लगाते हुए कहा- भाजपा नेता सतीश पूनिया, राजेंद्र राठौड जिस तरह का खेल कर रहे हैं। वह राजस्थान की जनता समझ गई है। एडवांस में 10 करोड़ दे रहे हैं। फिर 15 करोड़ की बात कह रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में कभी भी विधायकों की खरीद फरोख्त की परंपरा नहीं रही है। उन्होंने कहा- प्रदेश में आज तक ये परंपरा नहीं रही है। हमने हॉर्स ट्रेडिंग नहीं की। ये जो खेल कर रहे हैं, वो सबके सामने है। राजस्थान में भी माहौल बनाया जा रहा है। जिस प्रकार मध्य प्रदेश में घटना हुई है। वैसा ही राजस्थान में हो जाए। भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने मुख्यमंत्री के आरोपों के बाद कहा कि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, एसओजी द्वारा दर्ज मामले की स्क्रिप्ट राज्य सरकार के स्तर पर लिखी गई है। इससे साबित हो गया है कि सरकार विधायकों के फोन टेप करा रही है। ये विशेषाधिकार हनन का मामला है, भाजपा के खिलाफ साजिश है। हम कानूनी कार्रवाई करेंगे।

तीन निर्दलीय विधायकों पर मुकदमा

राजस्थान सरकार गिराने की एक कथित साजिश का खुलासा हुआ है। इस सिलसिले में तीन निर्दलीय विधायकों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, एसीबी में शिकायत दर्ज की गई है। इन पर कांग्रेस विधायकों की खरीद फरोख्त के प्रयास का आरोप है। दौसा के महवा से ओमप्रकाश हुड़ला, अजमेर के किशनगढ़ से सुरेश टांक और पाली के मारवाड़ से खुशवीर सिंह के ऊपर मामला दर्ज किया गया है।

आरोप है कि इन तीनों विधायकों ने राज्यसभा चुनाव से पहले बांसवाड़ा में कांग्रेस विधायकों से संपर्क किया था। उन्हें खरीद फरोख्त के लिए करोड़ों रुपए की रकम देने का लालच दिया था। इस बीच भाजपा के दो स्थानीय नेताओं हिरासत में लिए जाने की भी खबर है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, एसओजी ने बताया है कि हथियारों की तस्करी से जुड़े मामले में दो मोबाइल नंबरों को निगरानी पर रखा गया था।

एसओजी के मुताबिक इन नंबरों पर हुई बातचीत में पता चला कि राज्यसभा चुनाव से पहले सरकार गिराने की साजिश रची गई थी। विधायकों को 25-25 करोड़ रुपए देने की जानकारी भी सामने आई है। कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी की रिपोर्ट पर जांच के बाद एसओजी ने यह खुलासा किया। शुक्रवार को एसओजी ने इस मामले में मुकदमा भी दर्ज किया।

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