Narayan Sewa Sansthan Initiative : 36वां सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन
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दहेज को कहें ना : नारायण सेवा संस्थान का 36वां सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन, 21 सालों से हो रहा यह कार्यक्रम

Narayan Sewa Sansthan Initiative

जयपुर | नारायण सेवा संस्थान का नाम तो सभी ने सुना ही होगा। एक ऐसी संस्थान जो विकलांग और बच्चों बच्चों का इलाज करवाती है। लेकिन इस बार यह संस्थान एक नई पहल करने जा रही है। समाज में वैसे तो अनेक बुराइयां है। नारायण सेवा संस्थान ने इन बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने की मुहिम छेड़ी है। नारायण सेवा संस्थान एक गैर सरकारी संस्थान है जो 11 सितंबर 2021 को उदयपुर में अपना 36वां सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन करने जा रही है। इस आयोजन में दिव्यांग और वंचित वर्ग के जोड़ों का विवाह समारोह आयोजन कर रही है। नारायण सेवा संस्थान के समारोह का आयोजन स्मार्ट विलेज में किया जाएगा। (Narayan Sewa Sansthan Initiative )  इसका निर्माण नारायण सेवा संस्थान द्वारा अपने परिसर के भीतर किया गया है।

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दहेज को कहें ना के बारे में समाज को जागरूक करना ( Narayan Sewa Sansthan Initiative )

इस आयोजन में 21 जोड़े शादी के बंधन में बंधेंगे। समाज में फैली दहेज प्रथा की बुराई को खत्म करने के लिए जोड़े इससे लड़ने के लिए 19 साल पुराने अभियान ( Narayan Sewa Sansthan Initiative) दहेज को कहें ना! को और बढ़ावा देंगे।शादी में वैवाहिक जोड़ों के परिवारों और मेहमानों को बुलाया जाएगा जिन्होनें इन जोड़ों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी ओर से योगदान किया है। इनमें अधिकांश जोड़े ऐसे हैं जिन्होंने संस्थान में ही निशुल्क सुधारात्मक सर्जरी करवाई है और बेहतर जीवन जीने के लिए कौशल प्रशिक्षण हासिल किया है। विवाह समारोह में दानदातागण दिव्यांग एवं निर्धन बेटियों का कन्यादान करेंगे और साथ ही वे घरेलू उपकरण उपहार में प्रदान करेंगे।

अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस

इस बारे में एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि यह 36 वां सामूहिक विवाह समारोह है जो दहेज को कहें ना के प्रमुख अभियान के अपने 19 वें वर्ष में है। सामूहिक विवाह समारोह के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन की जायेगी। किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं होगी। वैदिक रीति-रिवाज से विवाह संस्कार सम्पन्न कराया जाएगा। सारे विवाह रीति-रिवाज हिंदु रिवाज से सम्पन्न होगा। कोरोना महामारी के समय में प्रत्येक प्रवेश और निकास द्वार पर मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और स्वच्छता संबंधी सभी नियमों का पालन किया जाएगा और इस तरह कोरोना की आशंका को रोकने के लिए संस्थान त्रिस्तरीय सुरक्षा का पालन सुनिश्चित करेगा।

समारोह का दौरान इनका रखा जाएगा ख्याल

कमेटिया गठित- विवाह व्यवस्था को सफल बनाने के लिए कोरोना सुरक्षा समिति, स्वागत कमेटी, यातायात कमेटी, भोजन कमेटी, पांडाल समिति, पंजीयन कमेटी, आवास कमेटी, विजिट कमेटी, पाणिग्रहण समिति, तकनीकी समिति, मंचीय व्यवस्था समिति, सिक्यूरिटी समिति, फायर सुरक्षा समिति, मेन्टीनेंस कमेटी, आपात व्यवस्था कमेटी का गठन किया है। ये सभी समितियां सामूहिक विवाह में शरीक होने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा-सुविधा का ध्यान रखेगी।

2109 जोड़े विवाह सूत्रों में बंधे ( Narayan Sewa Sansthan Initiative)

नारायण सेवा संस्थान आज से नहीं 21 सालों से सामूहिक विवाह का आयोजन करता आ रहा है। अब तक 35 विवाह समारोह आयोजित हो चुके हैं। जिसमें 2109 जोड़े विवाह सूत्र में बंध चुके हैं। ज्ञात रहे कि 2020 कोरोना काल में भी विवाह समारोह सम्पन्न हुआ था। कोरोना काल के दौरान एनएसएस ने जरूरतमंदों की मदद के लिए भोजन और मास्क वितरण शिविरों का आयोजन भी किया है। साथ ही, कृत्रिम अंग वितरण, राशन किट वितरण, पीपीई किट और कोरोना किट के साथ कई अभियान चलाए जा रहे हैं। संस्थान ने इस दौरान मुख्यमंत्री सहायता कोष में भी योगदान किया ( Narayan Sewa Sansthan Initiative )

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