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Rajasthan CM Ashok Gehlot : देश में वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता पर झूठ बोले हैं केन्द्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन

जयपुर | भारत में कोरोना वैक्सीन की उपलब्धता (Corona Vaccine Availability in India ) को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Rajasthan Chief Minister Ashok Gehlot) ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Central Health Minister Dr. Harshwardhan) पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले में उन्हें जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। गहलोत ने कहा कि हर्षवर्धन राज्यों में पर्याप्त वैक्सीन की उपलब्धता का दावा कर रहे हैं, लेकिन उनका यह बयान असत्य है।

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इस मुद्दे पर कई ट्वीट करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि मैं हर्षवर्धन जी से यह उम्मीद नहीं करता था कि वो ‘राज्यों में पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध होने’ जैसा असत्य बयान देंगे। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री द्वारा राज्यों पर मिस मैनेजमेंट का आरोप लगाना एक दम गलत है। गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार ने केन्द्र सरकार की गाइडलाइंस का पालन करते हुए मेहनत कर प्रतिदिन वैक्सीनेशन की रफ्तार 5 लाख 81 हजार टीके प्रतिदिन तक पहुंचाई एवं देश में प्रथम स्थान पर पहुंचा।

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डॉक्टरों की आशंका दूर की

गहलोत ने कहा कि शुरुआत में मेडिकल फर्टिनिटी तक भी वैक्सीन लगवाने को लेकर आशंकित थी। परन्तु हमने सभी के अंदर कॉन्फिडेंस पैदा कर आमजन को वैक्सीनेशन के लिए प्रोत्साहित किया और लोग बड़ी संख्या में आगे आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने 10% वैक्सीन के खराब होने की छूट दी थी लेकिन राजस्थान में वैक्सीन के वेस्टेज का प्रतिशत सिर्फ सात प्रतिशत है। राजस्थान में पूरे देश में सर्वाधिक वैक्सीनेशन हुआ है।

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इसमें कोई बुराई नहीं थी
गहलोत ने लिखा कि केन्द्र सरकार द्वारा ये मानने में कोई बुराई नहीं थी कि देश में वैक्सीन की उपलब्धता कम है एवं राज्य सरकारों को उसी के अनुसार वैक्सीनेशन का कार्यक्रम बनाना चाहिए। परन्तु केन्द्र सरकार राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, झारखंड, उत्तराखंड और असम में वैक्सीन की नियमित आपूर्ति करने में विफल रही है जिसके कारण इन राज्यों में कई जगह वैक्सीनेशन सेंटर बंद करने पड़े हैं। आपको बता दें कि ये वही राज्य हैं, जिनमें से अधिकांश में बीजेपी सत्ता में नहीं है। गहलोत ने सीधा इस पर राजनीति करने जैसा आरोप जड़ा है। गहलोत ने आगे कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि केन्द्रीय मंत्री कोरोना संक्रमण और वैक्सीनेशन पर गलतबयानी करने की बजाय आमजन के हित में सत्य सामने रखकर काम करेंगे।

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एडवायजरी जारी करे सरकार
गहलोत ने सुझाव दिया कि मेरा यह भी मानना है कि केन्द्र सरकार को इस बारे में गलतबयानी करने की जगह आधिकारिक तौर पर एडवायजरी जारी कर कहना चाहिए था कि वैक्सीन उपलब्ध होने में थोड़ा समय लगेगा जिससे भविष्य में लोगों में कन्फ्यूजन की स्थिति ना बने और लोगों का वैक्सीन में विश्वास बना रहे।

Coronavirus test. Medical worker in protective suite taking a swab for corona virus test, potentially infected young woman

वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार भारत, कोविड-19 वायरस के खिलाफ अपनी आबादी के निर्बल वर्गों के टीकाकरण के प्रयासों में लगातार कई ऊंचाइयां छू रहा है। 11 से 14 अप्रैल के बीच के दिनों को ‘टीका उत्‍सव’ के रूप में मनाने की प्रधानमंत्री की अपील के दौरान निजी और सार्वजनिक दोनों ही प्रकार के कार्यस्‍थलों पर कई कोविड टीकाकरण केन्‍द्र (सीवीसी) क्रियाशील हुए। औसतन 45 हजार सीवीसी प्रतिदिन क्रियाशील रहे। चार दिवसीय ‘टीका उत्‍सव’ के पहले दिन 63 हजार 800 दूसरे दिन 71 हजार, तीसरे दिन 67 हजार 893 और चौथे दिन 69 हजार 974 सीवीसी सक्रिय रहे हैं।

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मंत्रालय के अनुसार ‘टीका उत्‍सव’ के चार दिनों में गहन टीकाकरण गतिविधि देखी गई। 11 अप्रैल को 29 लाख 33 हजार 418 टीके लगाए गए, जबकि अगले दिन 40 लाख 4 हजार 521 टीके लगाए गए। 13 और 14 अप्रैल को यह संख्‍या क्रमश: 26 लाख 46 हजार 528 और 33 लाख 13 हजार 848 रही। ‘टीका उत्‍सव’ के दौरान कुल टीकाकरण संख्‍या में 1 करोड़ 28 लाख 98 हजार 314 की तेज वृद्धि देखी गई, जिस दौरान देशभर में पात्र समूहों के लोगों को टीके लगाए गए। तीन राज्‍यों में 1 करोड़ से अधिक टीके लगाए गए। ये राज्‍य हैं – महाराष्‍ट्र (1 करोड़ 11 लाख 19 हजार 18), राजस्‍थान (1 करोड़ 2 लाख 15 हजार 471) तथा उत्‍तर प्रदेश (1 करोड़ 17 लाख 650)

By Pradeep Singh

Experienced Journalist with a demonstrated history of working in the newspapers industry. Skilled in News Writing, Editing. Strong media and communication professional. Many Time Awarded by good journalism. Also Have Two Journalism Fellowship. Currently working with Naya India.

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