nayaindia Ram Rahim High Court : राम रहीम कोई हार्डकोर क्रिमिनल नहीं..
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राम रहीम कोई हार्डकोर क्रिमिनल नहीं, इसलिए पैरोल देने से ऐतराज नहीं…

Ram Rahim High Court :
Image Source : India Today

नई दिल्ली | Ram Rahim High Court : डेरा सच्चा सौदा संचालक गुरमीत राम रहीम कुछ दिनों पहले फरलो पैरोल पर बाहर थे. पंजाब चुनाव के आसपास उन्हें 21 दिनों के लिए पैरोल दी गई थी. इसी पर हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी जिसमें इस पैरोल पर सवाल उठाए गए थे. इस याचिका को हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है और कहा है कि गुरमीत राम रहीम कोई हार्डकोर क्रिमिनल नहीं है. इसीलिए उन्हें फरलो और पैरोल दिए जाने पर कोई खास एतराज नहीं होना चाहिए. अदालत के इस फैसले के साथ ही राम रहीम के खिलाफ दायर की गई याचिका का भी निपटारा हो गया. बता दें कि राम रहीम के खिलाफ पटियाला के परमजीत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी और पैरोल पर सवाल उठाए थे.

Ram Rahim High Court :
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क्या कहा सरकार ने

Ram Rahim High Court : इस पूरे मामले में सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में कहा कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को हत्या की साजिश रचने के आरोप में दोषी करार दिया गया है. उन्होंने कहा कि इस मामले में अभियुक्तों के साथ साजिश रचने का उन पर आरोप था. इसलिए राम रहीम को कोई हार्डकोर क्रिमिनल नहीं कहा जा सकता. सरकार ने कहा कि जेल में गुरमीत राम रहीम के व्यवहार और पूरी तरह से कानूनी राय लेने के बाद ही नियमों के आधार पर उन्हें फरलो गई थी.

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पंजाब चुनाव के पहले आया था बाहर

Ram Rahim High Court : बता दें कि राम रहीम 7 फरवरी 2022 को फरलो पर बाहर आया था. इसके बाद 28 फरवरी उसे दोबारा से जेल में कैद कर दिया गया था. इस दौरान पंजाब में चुनाव भी थे इस कारण राम रहीम के बाहर आने पर राजनीति भी जमकर हुई थी. कोई शक नहीं है कि राम रहीम की राजनीतिक शख्सियतों के साथ अच्छी पैठ है. सोशल मीडिया में भी इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि आखिर चुनाव के पहले उसे किस आधार पर बाहर निकाला जा रहा है. ज्ञात हो कि राम रहीम पर 2017 में सीबीआई की विशेष अदालत में साध्वी से रेप और हत्या का मामला सिद्ध हुआ था. उसके बाद कोर्ट ने उसे दोषी करार करते हुए 20 साल की सजा सुनाई थी.

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