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खट्टा- मीठा : 5 करोड़ कोरोना टेस्ट करने वाला पहला राज्य बना उत्तर प्रदेश , गंगा किनारे शवों को दफनाए जाने का सिलसिला अब भी है जारी

लखनऊ |  देशभर में कोरोना की रफ्तार कम होने लगी है. भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भी कोरोना का कहर कम होता दिखाई दे रहा है. कोरोना के कहर से तेजी से उबर रहे उत्तर प्रदेश ने मंगलवार तक पांच करोड़ से ज्यादा कोरोना टेस्ट करने के आंकड़े को पार कर लिया. इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने बताया कि मंगलवार शाम तक प्रदेश में पांच करोड़ से ज्यादा कोरोना टेस्ट हो चुके थे. जिसमें पिछले 24 घंटे में 3.32 लाख टेस्ट शामिल हैं. बता दें कि यूपी यह उपलब्धि हासिल करने वाला देश का पहला राज्य है जबकि दूसरे नम्बर का प्रदेश अब तक सिर्फ 3.5 करोड़ टेस्ट ही कर पाया है. उन्होने बताया कि राज्य में रिकवरी रेट 97.1 फीसदी हो गया है. लेकिन इन आंकड़ों के बीच एक परेशान करने वाली खबर भी आ रही है.

कौवे और कुत्ते बना रहे हैं शवों को अपना निवाला

जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के कन्नौज के मानीमऊ में गंगा का जलस्तर बढ़ने से रेती में दफन शव उतराकर बहने लगे हैं. इन्हें कौवे और कुत्ते अपना निवाला बना रहे हैं. सबसे बड़ी बात ये है कि इतने विवादों और सरकारी आदेश के बाद भी गंगा की रेती में शवों को दफनाये जाने का सिलसिला अभी भी जारी है. इनको देखने, रोकने और टोकने वाला कोई नहीं है. इस सबंध में प्रशासन की ओर से किये गये सारे प्रयास बेअसर नजर आते हैं.कन्नौज के मेहंदी घाट पर गंगा पुल पार रेती में एक किलोमीटर एरिया में डेढ़ माह में सैकड़ों शव तीन से चार फीट गहरे गड्ढे खोदकर दफनाए गए हैं.

कोविड अभियान के चलते नहीं हो पाई समीक्षा

रूक-रूक कर हो रही बारिश के कारण पिछले 4 दिनों में गंगा का जलस्तर बढ़ गया है. इससे रेती में दफन शव पानी की तेज धार से बहने लगे हैं. उनके धीरे-धीरे उतराने से कुत्ते और कौवों ने उनको अपना निवाला बनाना शुरू कर दिया. कहीं पर कोई भी कर्मचारी अधिकारी इस ओर देखने वाला नहीं और गंगा में इन शवों को उतराते हुए लोग भी देखते रहे. इस पूरे प्रकरण पर एडीएम गजेंद्र कुमार का कहना है कि टीमों को निगरानी के काम में लगाया गया था. कोविड अभियान के चलते समीक्षा नहीं हो पाई. उन्होंने कहा कि पता किया जाएगा कि मनाही के बाद भी शव दफन क्यों किए जा रहे हैं..

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