40 crore people at risk: 40 करोड़ लोगों का संक्रमण का खतरा....
कोविड-19 अपडेटस | ताजा पोस्ट | देश| नया इंडिया| 40 crore people at risk: 40 करोड़ लोगों का संक्रमण का खतरा....

सरकार ने बताया दो-तिहाई लोगों में बनीं ‘एंटीबॉडी’, अब भी 40 करोड़ में ‘संक्रमण का खतरा’

Antibodies in 79% of people of Madhya Pradesh :

नयी दिल्ली | 40 crore people at risk: कोरोना की दूसरी लहर को झेलने के बाद तीसरी लहर की दहलीज पर खडे भारत के लिए एक बड़ी खबर आई है. भारत सरकार ने कहा है कि एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण के मुताबिक करीब 40 करोड़ लोगों को अब भी कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा है. बताया गया कि छह साल से अधिक आयु की देश की आबादी के दो तिहाई हिस्से में सार्स-सीओवी-2 एंटीबॉडी पाई गई है. सरकार ने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के चौथे राष्ट्रीय कोविड सीरो सर्वे के नतीजों से उम्मीद की किरण नजर आ रही है, लेकिन ढिलाई की कोई जगह नहीं है और कोविड से जुड़े नियमों का अनुपालन करना होगा.

40 करोड़ लोगों को अभी भी कोरोना का खतरा

40 crore people at risk: स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हालिया राष्ट्रीय सीरो सर्वे में दो तिहाई या छह वर्ष से अधिक आयु की भारत की 67.6 प्रतिशत आबादी में सार्स-सीओवी-2 एंटीबॉडी पाई गई है. अधिकारी ने कहा कि एक तिहाई आबादी में यह एंटीबॉडी नहीं है, जिसका मतलब है कि करीब 40 करोड़ लोगों को अब भी कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा है. सर्वे के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों में 85 प्रतिशत में सार्स-सीओवी-2 के खिलाफ एंटीबॉडी है और स्वास्थ्य कर्मियों में 10 प्रतिशत का अब तक टीकाकरण नहीं हुआ है.

इसे भी पढें- सोशल मीडिया का बुखार छाया ऐसा कि बेटे के साथ ही बना लिया “अश्लील डांस” का वीडियो, महिला आयोग की आपत्ती पर केस दर्ज

40 crore people at risk:

सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक समागम से दूर रहना जरूरी

बता दें कि सर्वेक्षण में 28,975 आम आदमी और 7,252 स्वास्थ्य कर्मियों को शामिल किया गया था. चौथे दौर का सर्वेक्षण 21 राज्यों में 70 जिलों में किया गया, जहां पिछले तीन दौर का सर्वेक्षण भी किया गया था. सरकार ने कोविड-19 से जुड़े नियमों का पालन करने पर जोर देते हुए कहा कि सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक समागम से दूर रहना चाहिए और अनावश्यक यात्राएं टालनी चाहिए. सरकार ने कहा कि पूरी तरह से टीकाकरण कराने के बाद ही यात्रा करनी चाहिए. ICMR ने यह सुझाव भी दिया कि प्राथमिक विद्यालयों को पहले खोलना विवेकपूर्ण होगा क्योंकि बच्चे वायरस संक्रमण से कहीं बेहतर निपट सकते हैं.

इसे भी पढें- Rajasthan : ढ़ाबे पर खाना खाने रूके थे पुलिसकर्मी, गोली चलाकर इंस्पेक्टर की कार छीनकर फरार हुए बदमाश

\

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
वर्तमान की बलि भविष्य!
वर्तमान की बलि भविष्य!