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SC में दायर की गई सामूहिक याचिका में छलका दर्द: पोते के सामने दादी का तो नाबालिग को घंटों बंधक बना दुष्कर्म करते रहे हैवान…

नई दिल्ली |  बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद भी हिंसा कितनी भयंकर थी उसका एक उदाहरण सुप्रीम कोर्ट में सामने आया. बंगाल में हिंसा थमने के बाद महिलाओं का समूह सामने आया है जिसमें सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सब को हिला कर रख दिया है. महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से दायर की गई इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि बंगाल की हिंसा के दौरान उनके साथ रेप किया गया. बता दें कि पीड़ित महिलाओं में हर उम्र की महिलाएं शामिल है जिसमें एक नाबालिग युवती भी है. इतना ही नहीं इन महिलाओं में कुछ बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल हैं. महिलाओं ने बंगाल के हिंसा की एसआईटी जांच की मांग करते हुए यह याचिका दायर की है. इसके साथ ही याचिका में यह भी अपील की गई है कि सर्वोच्च अदालत सीबीआई या एसआईटी जांच का आदेश है और इसकी निगरानी भी सुप्रीम कोर्ट ही करे.

पोते का सामने ही किया दुष्कर्म

बताया जा रहा है कि याचिका दायर करने वालों में हर उम्र की महिलाएं शामिल है. कोर्ट में तीन अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई है इनमें से एक याचिका 60 साल की महिला की है. बुजुर्ग महिला का कहना है कि हिंसा के दौरान कुछ का गैंग रेप किया गया. बुजुर्ग महिलाओं का आरोप है कि हिंसा के दौरान आए हुए लोगों ने उसके पोते के सामने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसके साथ मारपीट की गई. बुजुर्ग महिला का कहना है कि 100 200 लोगों की भीड़ अचानक उसके घर तक पहुंची थी . जो टीएमसी के समर्थक थे और वह महिला को घर खाली करने को कह रहे थे.

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जंगल में ले जाकर घंटों कई लोगों किया नाबालिग का रेप

दूसरी याचिका एक 17 साल की युवती की है. इस याचिका में युवती का दर्द और भी शर्मसार करने वाला है. पीड़िता का कहना है कि उसके परिवार की राजनीतिक और धार्मिक विचारधारा के कारण उसे निशाना बनाया गया. पीड़िता का कहना है कि कई लोग एक साथ मुझे पकड़ कर जंगल की ओर लेकर चले गए और वहां घंटों मेरे साथ दुष्कर्म किया.  आरोप है कि बंगाल पुलिस भी जानबूझकर आरोपियों को बचाने का प्रयास करती रही जिस कारण हमें थक हार कर सुप्रीम कोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है.

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कोलकाता हाईकोर्ट में चल रहा है मामला

बता दें कि बंगाल चुनाव के कई मामले कोलकाता हाईकोर्ट में भी चल रहे हैं. बंगाल सरकार की ओर से हाईकोर्ट में बताया गया है कि हिंसा के दौरान शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. कोर्ट में बंगाल सरकार का पक्ष रखते हैं वकील का कहना है कि अब तक 15 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. वह इस पूरे मामले में मानव अधिकार आयोग ने अदालत को जानकारी दी है कि इन मामलों में कई जगह पर अधिकारों का उल्लंघन भी किया गया है. सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका पर बंगाल सरकार में अपना जवाब दिया है कि मामले हाईकोर्ट में सुने जा रहे हैं .ये सभी राजनीति से प्रेरित घटनाएं हैं, पुलिस प्रशासन और महिला आयोग मिलकर काम कर रहा है.

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