nayaindia Petrol/Diesel prize Hacked : कोई गलती हो गई है क्या हुजूर, केंद्र सरकार ने पेट्रोल
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कोई गलती हो गई है क्या हुजूर ! Petrol/Diesel की अंतराष्ट्रीय कीमतें बढ़ीं तो आपने भी बढ़ाया, अब कम हुई तो क्यूं नही करते… (आंकड़ों पर बात)

Petrol/Diesel prize Hacked :

नई दिल्ली। Petrol/Diesel prize Hacked : देशभर में पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण हाहाकार मचा हुआ है. अक्सर केंद्रीय नेताओं को इस बारे में पूछने पर एक ही जवाब मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ये हालात हुए. लेकिन आज हम आपको जो बताना चाह रहे हैं वह आपको कोई मेन मीडिया स्ट्रीम में नहीं बताएगा. आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 15 जुलाई के बाद लगातार पेट्रोल की कीमतें घटती गई हैं. कच्चे तेल का भाव 74. 33 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 69.72 डॉलर प्रति बैरल हो गया है. इसके बाद भी भारत को तेल कंपनियां दाम कम नहीं कर पा रही हैं. अगर आप भी यह सोच रहे हैं कि उसमें सारी गलती तेल कंपनियों की है तो यह गलत बात है. पेट्रोल डीजल की कीमत ना घटने के पीछे जितनी कंपनियां जिम्मेवार हैं उतनी ही जिम्मेवार मोदी सरकार भी है.

Petrol/Diesel prize Hacked :

एक डॉलर बढ़ने पर 2 रुपए बढ़ाए थी कीमत…

Petrol/Diesel prize Hacked : अगर आप पेट्रोल डीजल की कीमतों का अध्ययन करें तो आपको पता चलेगा कि कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी होने के साथ ही पेट्रोल की कीमत भी बढ़ा दी जा रही थी. कच्चे तेल का दाम $1 बढ़ने पर भारत में ₹2 की कीमत बढ़ा दी जा रही थी. लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि कच्चे तेल की कीमत में ₹4 प्रति डॉलर की कमी आ गई है लेकिन एक पैसा भी कम नहीं किया जा रहा. आखिर इसके पीछे की क्या वजह है कि कच्चे तेल में 4.61 डॉलर की कमी आने पर भी जनता को किसी प्रकार की कोई राहत नहीं दी जा रही है.

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Petrol/Diesel prize Hacked :

खजाना भरने का नहीं चूकती केंद्र सरकार

Petrol/Diesel prize Hacked : ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब केंद्र सरकार ने पेट्रोल डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घटने के बाद भी लोगों को राहत नहीं दी है. 2020 21 में कच्चे तेल की कीमत अपने न्यूनतम स्तर पर चली गई थी. कोरोना के कारण ये स्थिति हुई थी. लेकिन अब 2020-21 का आंकड़े उठाकर देख सकते हैं कि भारत सरकार ने जनता को उसका कोई फायदा नहीं पहुंचाया था. दूसरी ओर केंद्र सरकार अपना खजाना भरने के लिए लगी हुई थी. आपको सबसे ज्यादा आश्चर्य इस बात का होने वाला है कि 2020-21 में पेट्रोल की बिक्री 9% तक घट गई थी. उसके बाद भी केंद्र सरकार की ओर से लोगों को कोई राहत नहीं दी गई थी.

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