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टीएमसी सांसद नुसरत जहां को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा फ्रॉड, बोले -सिंदूर लगाती है ..और गर्भवती होती है..लेकिन विवाहिता नहीं है…

टीएमसी सांसद नुसरत जहां की शादी का विवाद अब सियासी रंग लेता जा रहा है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष है कहा है कि नुसरत जहां फ्रॉड है. दिलीप घोष ने कहा कि नुसरत जहां एक शादीशुदा महिला के रूप में संसद में शपथ ली थी. उन्होंने कहा कि इतने दिनों तक नुसरत सबको यही बताती रही कि वह एक शादीशुदा महिला है लेकिन अब जब उनका विवाद छिड़ गया तो खबर रहती है कि ये शादी तो हमारे देश में मान्य ही नहीं है. बता दें कि अपने पति से विवाद होने के बाद नुसरत जहां ने कहा था कि यह शादी तो भारत में अमान्य है तो फिर तलाक का सवाल ही नहीं उठता.

लगातार विवादित बयान देते रहे हैं दिलीप घोष

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष पर हमेशा ही विवादित बयान देने का आरोप लगता रहा है. दिलीप घोष ने नुसरत जहां ही नहीं बल्कि इस मुद्दे पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी टिप्पणी कर दी. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी कैसे ऐसे व्यक्ति की शादी में जा सकती है जो विवाहिता ही नहीं है. नुसरत सिंदूर लगाती है …और गर्भवती होती है,.. लेकिन विवाहिता नहीं है.

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सोशल मीडिया से निखिल के साथ वाली फोटोज की डिलीट

बता दें कि तृणमूल कांग्रेस सांसद और एक्ट्रेस नुसरत जहां ने ये दावा किया है कि वो कारोबारी निखिल जैन के साथ शादी में नहीं बल्कि लिव-इन रिलेशनशिप में थी. उन्होंने कहा कि तुर्की में हुई उनकी शादी को भारतीय कानून के अनुसार मान्यता नहीं मिली है. इन सबके बीच अब एक और नई बात ये सामने आई है कि उन्होंने सोशल मीडिया से निखिल के साथ वाली सारी फोटोज डिलीट कर दी हैं.

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By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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