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लखनऊ में भड़की हिंसा

लखनऊ। नागरिकता कानून का विरोध अब भाजपा शासित राज्यों में भी पहुंच गया है। गुरुवार  को उत्तर प्रदेश सहित कम से कम छह भाजपा शासित राज्यों में प्रदर्शन हुए। इनमें उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सबसे हिंसक प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने गाड़ियों पर पथराव किए और उन्हें आग भी लगा दी। दो सरकारी बसों सहित कई निजी गाड़ियों को जलाया गया। राजधानी लखनऊ में हिंसा को देखते हुए शहर के सभी 22 मेट्रो स्टेशन गुरुवार को बंद कर दिए गए थे। इस बीच खबर है कि प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि पुलिस की गोली से घायल हुए एक शख्स की मौत हो गई है। वकील नाम के जिस शख्स की मौत हुई है वह पुराने लखनऊ के हुसैनगंज का रहने वाला था। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर के मुताबिक हिंसा के बाद चार लोगों को भर्ती कराया गया था, जिनमें से तीन कथित तौर पर गोली लगने से घायल थे। इन्हीं तीन में से एक शख्स की मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने देर शाम तक इसकी पुष्टि नहीं की थी।

राज्य सरकार ने लखनऊ सहित कई इलाकों में धारा 144 लगा रखी थी पर उसका उल्लंघन करके लोग सड़कों पर उतरे। राज्य के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया है कि 19 दिसंबर को किसी भी तरह के जमावड़े की अनुमति नहीं दी गई थी। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदर्शनकारियों को धमकाते हुए कहा- जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, इन्हीं उपद्रवियों से इसकी वसूली की जाएगी। इनकी संपत्ति को नीलाम करके वसूली की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक दर्जन गाड़ियों में आग लगाई गई है।

बहरहाल, पुलिस प्रमुख ने बताया- पुलिस को राजधानी के मदेयगंज क्षेत्र में भीड़ को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। करीब 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है। शहर के अन्य कई हिस्सों में तनाव है। खासकर पुराने लखनऊ के मुस्लिम बहुल इलाकों में। वहां गलियों से निकल कर लोग पथराव कर रहे हैं। हसनगंज क्षेत्र में पथराव कर रही भीड़ को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। भीड़ ने एक टीवी चैनल की ओबी वैन में तोड़फोड़ की और उसे कथित तौर पर आग के हवाले कर दिया।

लखनऊ के अलावा राज्य के दूसरे हिस्सों में भी गुरुवार को हिंसा हुई। संभल के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया- जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। यहां भीड़ ने एक बस को आग लगा दी जबकि एक अन्य को क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने कहा- एक थाने पर भी प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। इंटरनेट सेवाएं एहतियात के तौर पर बंद की गई हैं। मऊ में भीड़ ने पथराव किया, जिसके बाद आरएएफ और पीएसी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। यहां भी इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शिक्षकों ने मौन जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं।

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