चिन्मयानंद को उच्च न्यायालय से मिली जमानत

प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने विधि छात्रा के साथ यौन शोषण के मामले के आरोपी पूर्व केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री चिन्मयानंद की जमानत अर्जी मंजूर करते हुये उन्हे सोमवार को निजी मुचलके में रिहा करने का आदेश दिया।

शाहजहांपुर जिला जेल में निरूद्ध चिन्मयानंद को एसएन ला कालेज की छात्रा के साथ दुराचार के मामले में पिछले साल 20 सितम्बर को गिरफ्तार किया गया था। उन्होने करीब दो महीने पहले जमानत अर्जी दाखिल की थी जिस पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था।

इससे पहले पूर्व केन्द्रीय मंत्री से ब्लैकमेलिंग के आरोप में छात्रा, उसके दोस्त संजय सिंह, विक्रम सिंह और सचिन सेंगर को उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। गौरतलब है कि पिछले साल 24 अगस्त को विधि छात्रा ने सोशल मीडिया के जरिये चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

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वीडियो पोस्‍ट करने के बाद छात्रा गायब हो गई थी, जो 30 अगस्त को राजस्थान के दौसा में मिली थी। छात्रा के पिता ने इस सिलसिले में स्वामी चिन्मयानंद पर बेटी को अगवा करने का आरोप लगाया जिसके अगले ही दिन पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री के वकील ने उनके मुवक्किल से ब्लैकमेलिंग कर पांच करोड की फिरौती मांगने की शिकायत दर्ज करायी।

पिछली दो सितम्बर को उच्चतम न्यायालय के उप्र सरकार को निर्देश दिये कि वह चिन्मयानंद के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआइटी) टीम का गठन करे। न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से मामले में दर्ज दो क्रॉस एफआइआर में जांच की निगरानी के लिए एक बेंच गठित करने का आग्रह किया।

एसआइटी ने स्वामी चिन्मयानंद से करीब सात घंटे तक पूछताछ की। उनके बिना अनुमति आश्रम से बाहर निकलने पर भी रोक लगा दी थी। जांच के बाद 20 सितंबर को एसआइटी ने चिन्मयानंद को उनके आश्रम से गिरफ्तार किया गया और उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। ब्लैकमेलिंग के आरोप में छात्रा के अलावा उसके मित्र संजय, विक्रम और सचिन को जेल भेजा गया था।

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