महंगाई ने बिगाड़ा गरीब की थाली का स्वाद

जालौन। देश के बाकी हिस्सों की तरह उत्तर प्रदेश के जालौन में प्याज एवं लहसुन की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि का असर गरीब की थाली पर पड़ने लगा है जिससे मेहनतकश वर्ग के खाने का सहारा प्याज और लहसन की चटनी भी अब उनकी थाली से दूर हो गयी है इन लोगों को अब केवल नमक का सहारा रह गया है।

जनपद में प्याज की कीमतें 90 से 100 रूपये किलो पहुंच गई हैं तो वही लहसुन 200 से ढाई सौ रुपए प्रति किलो की कीमत से बिक रहा है । ऐसे में कभी गरीब की थाली का मुख्य हिस्सा रही प्याज और लहसुन की चटनी के बारे में सोचना भी इस वर्ग के लिए मुश्किल हो गया है। दाल और सब्जियों के दाम पहले से सांतवे आसमान पर हैं। ऐसे में गरीब मजदूर लोगों को खाने में केवल नमक का सहारा रह गया है।

केंद्र और राज्य सरकार के प्याज की कीमत नीचे लाने के लिए किये जा रहे प्रयासों के बारे में चाहें जो भी कहा जा रहा हो लेकिन हकीकत में गरीबों के खाने का सबसे बड़ा सहारा आज उनसे छिन गया है।

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जब इस बारे मे मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले गुरबख्श ,रईस अहमद, रामखेलावन, रामदीन, राम बिहारी, गणेश प्रसाद ,बद्रीनारायण अनवार सहित कई अन्य से बात की गयी तो सभी का यही कहना है कि महंगाई के कारण हमारी थाली का स्वाद बिगड़ चुका है अब हम गरीबों को सिर्फ नमक के सहारे ही रहना पड़ रहा है क्योंकि दालें पहले ही 90 से 120 किलो पहुंच चुकी है साथ ही हरी सब्जियों के भी दाम आसमान छू रहे हैं।

गौरतलब है कि एक अनुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश में आबादी के हिसाब से प्याज की खपत उत्पादन से दुगनी है जिसकी भरपाई के लिए उत्तर प्रदेश को महाराष्ट्र नासिक प्याज मंगाना पड़ता है किंतु इस बार महाराष्ट्र में अनियमित बरसात के कारण प्याज की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है जिसका असर सीधा उत्तर प्रदेश की मंडियों पर पड़ा है जिससे अछूता जनपद जालौन भी नहीं रहा।

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