उप्र में कानून व्यवस्था ध्वस्त,महिला उत्पीडन सबसे ज्यादा: अखिलेश

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त है और महिलाओं का उत्पीड़न सबसे ज्यादा है।

यादव ने मंगलवार को यहां जारी बयान में कहा कि प्रदेश में बेगुनाह मुठभेड़ के नाम पर मारे जा रहे हैं। लगता है कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है अन्यथा सम्मान और जीवन असुरक्षित क्यों होता।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के गृह विभाग की नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो ने दो वर्षों के बाद अपराध का जो ब्यौरा प्रकाशित किया है उसके अनुसार प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में शीर्ष पर है। महिलाओं के खिलाफ अपराध के देश भर में 3,59,849 मामले दर्ज हुए जबकि उत्तर प्रदेश 56,011 मामलों के साथ शीर्ष पर रहा। उनका कहना है कि प्रदेश में अपहरण, बलात्कार के मामलों में भी वृद्धि हुई है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था का भारी संकट है। प्रदेश में किसान और नौजवानों का कोई पुरसाहाल नहीं है। कर्ज और बेकारी से परेशानी लोग आत्महत्या करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व रामराज्य की बात तो करते है लेकिन असहमति की कहीं भी आवाज उठती है तो उसे देशद्रोह मान लिया जाता है। यह ठीक नहीं है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में विकास की कोई चर्चा नहीं होती है। देश की अर्थव्यवस्था चिंताजनक है। नोटबंदी और जीएसटी ने व्यापार और उद्योगधंधो को चौपट करके रख दिया । प्रदेश में अपराध नियंत्रण के लिए समाजवादी पार्टी द्वारा शुरू की गई विश्वस्तरीय व्यवस्था ‘यूपी डायल 100‘ की जगह अब 112 को रखने से कानून व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त होने से रही। महिला अपराधों की रोकथाम के लिए 1090 वूमेन पावर लाइन का भी बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अब तक दो ही काम किए हैं। एक सपा सरकार के कामों को अपना बताना और जनहित के दूसरे कामों को बर्बाद करना।

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