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आजम के समर्थन में अखिलेश की साइकिल रैली

रामपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को पार्टी की साइकिल रैली की शुरुआत की। उन्होंने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के सांसद आजम खान के समर्थन में साइकिल रैली निकाली। पहले दिन अखिलेश यादव ने रामपुर में 11 किलोमीटर की साइकिल रैली की। समाजवादी पार्टी की यह साइकिल रैली रामपुर से लखनऊ तक जाएगी। गौरतलब है कि आजम खान के ऊपर अनेक मामले दर्ज हुए हैं और वे जेल में बंद हैं।

आजम खान के समर्थन में हुई साइकिल रैली में अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार जिस तरह सियासी विरोधियों को जेल भेज रही है, उसी वजह से लोकतंत्र के ग्राफ में भारत नीचे जा रहा है। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेसी इंडेक्स में इसी वजह से भारत की रैंकिंग गिर रही है। सपा अध्यक्ष ने पार्टी के कार्यकताओं के साथ मौलाना मोहम्‍मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से अंबेडकर पार्क तक 11 किलोमीटर तक साइकिल चला कर आंदोलन की शुरुआत की।

इस मौके पर सपा अध्‍यक्ष ने कहा- सबसे ज्‍यादा अन्‍याय रामपुर में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं पर हो रहा है। आजम खान, उनके तमाम सहयोगी साथियों पर न जाने कितने मुकदमे लादे हैं और वे आज हमारे बीच नहीं हैं। कहीं न कहीं प्रशासन ने फंसाया है और सरकार के इशारे पर झूठे केस लगे हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद आजम खान की मुसीबत शुरू हुई, उन पर एक सौ से ज्‍यादा मुकदमे  दर्ज हुए। उन्‍हें भूमाफिया घोषित किया गया।

आजम खान के बनवाए जौहर यूनिवर्सिटी की 14 सौ बीघा जमीन सरकार ने जब्‍त कर ली है। उनके रिसॉर्ट की दीवार पर बुलडोजर चलवाया गया। एक लाइब्रेरी से कथित तौर पर चोरी की किताबें उनकी यूनिवर्सिटी से बरामद की गईं। इतना ही नहीं, आजम खान पर गाय, भैंस और बकरी चोरी का मुकदमा हुआ। पिछले साल 26 फरवरी को आजम खान, उनकी पत्‍नी तंजीम फातिमा और बेटे अब्‍दुल्‍ला आजम को जेल हो गई। पत्‍नी तंजीम 11 महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर छूटीं हैं, जबकि आजम खान और उनका बेटा एक साल से जेल में हैं। उनके विधायक बेटे की उम्र को लेकर भी एक मुकदमा दर्ज हुआ है।

उनके समर्थन में अखिलेश ने रामपुर में रैली भी की। अखिलेश ने कहा- सरकार सियासी विरोधियों को जेल भेज रही है। उन्‍होंने कहा- आप सच नहीं बोल सकते। सच बोलेंगे तो जेल भेज दिए जाएंगे। आज कोई आंदोलन करेंगे तो जेल भेज दिए जाओगे। राजनीतिक लोगों पर सबसे ज्‍यादा अन्‍याय, झूठे मुकदमे लग रहे हैं तो भारत में लग रहे हैं, इसलिए डेमोक्रेसी के ग्राफ में हम नीचे जा रहे हैं।

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