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उत्तर प्रदेश फिर शर्मसार!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में फिर हाथरस जैसी बलात्कार और हत्या की घटना हुई है। राज्य के लखीमपुर खीरी में दो दलित नाबालिग सगी बहनों की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई और उनके शव पेड़ से लटका दिए गया। इतना ही नहीं परिजनों के बयान देने के बावजूद पुलिस ने अपहरण और गैंगरेप का मामला नहीं दर्ज किया है। घटना के बाद गांव के लोगों में नाराजगी है। हालांकि पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों की नाराजगी के बावजूद उन्हें फास्ट ट्रैक सुनवाई का भरोसा दिला कर दोनों नाबालिग बहनों का पोस्टमार्ट्म कराया और गुरुवार को देर शाम उनका अंतिम संस्कार किया गया। घटना बुधवार शाम की है।

पुलिस ने बताया कि बलात्कार और हत्या के इस मामले में शामिल सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनमें से एक को गुरुवार की सुबह एनकाउंटर के दौरान पकड़ा गया। उसे भागते समय पुलिस ने पैर में गोली मारी थी। आरोपियों में सुहैल, जुनैद, हाफिजुर्रहमान, करीमुद्दीन और आरिफ का नाम शामिल हैं। पीड़ित परिवार का पड़ोसी छोटू नाम का छठा शख्स है, उसको भी गिरफ्तार किया गया है। उसने ही कथित तौर पर इन लड़कों से दोनों बहनों का परिचय कराया था।

पोस्टमार्टम में बच्चियों के साथ रेप और गला घोंटने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने संवाददाताओं को बताया कि लड़कियों को गन्ने के खेत में ले जाया गया और सुहैल व जुनैद ने उनके साथ बलात्कार किया। दूसरों ने सबूत मिटाने में उनकी मदद की और लड़कियों को उन्हीं की चुन्नी में गले में बांध कर पेड़ से लटकाया। गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी में बुधवार शाम सात बजे के करीब दो नाबालिग बहनों के शव पेड़ से लटके मिले। एक लड़की सातवीं और दूसरी 10वीं की छात्रा थी।

दोनों नाबालिग बहनों की मां ने आरोप लगाया कि कुछ लड़के बाइक से आए और जबरदस्ती उनकी बेटियों को उठा कर ले गए। उन्होंने दोनों के साथ बलात्कार किया और फिर हत्या कर दी। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि लड़कियां अपनी मर्जी से लड़कों के साथ गई थीं। इसलिए पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज नहीं किया है। पुलिस की कहानी के मुताबिक लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाया गया और उनसे रेप हुआ, जब वे शादी की बात करने लगीं तो आरोपियों ने उनकी हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टि हुई है।

घटना के बाद परिजनों ने एक करोड़ रुपए मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए। करीब 24 घंटे के बाद गुरुवार की शव को रीति रिवाज के साथ दोनों नाबालिग बच्चियों को दफनाया गया। पुलिस ने ग्रामीणों और परिजनों को भरोसा दिलाया है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई होगी और जल्दी से जल्दी सजा दिलाई जाएगी।

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