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Friday, May 14, 2021
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उतराखंड : मरकज और कुंभ की तुलना ना हो, कुंभ में तो अपने लोग आ रहे हैं जबकि मरकज में तो…

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उतराखंड के मुख्यमंत्री एकबार फिर से विवादों में घिरते हुए नज़र आ रहे हैं. बीच कार्यकाल में मुख्यमंत्री का पद संभालना अपने आप में एक विवादित मामला है. लेकिन इसके बाद भी अजीबो-गरीब बयान देकर वे लगातार विवादों में घिरे रहे हैं. मंगलवार को अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स के साप्ताहिक ‘टॉक शो” में मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि कुंभ और मरकज तुलना नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि  मरकज एक बंद जगह में हुआ था और मरकज में देश के बाहर से भी लोग आये थ और कुंभ में अपने लोग आ रहे हैं. देश में बढ़ते कोरोना मामलों के बीच महाकुंभ का आयोजन अपने आप में विवादों भरा है.  एक तरफ जहां देश में नाइट कर्फ्यू जैसी पाबंदियों का ऐलान हो रहा है और दूसरी तरफ चुनावी रैलियां और मेले का आयोजन. बतां दे कि मंगलवार को हरिद्वार में 594 कोरोना के मामले दर्ज हुए थे.

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क्या तर्क दिये सीएम रावत ने

मुख्यमंत्री ने अपने बयान पर कायम रहते हुए तर्क दिये कि मरकज और कुंभ  को एक जैसा नहीं माना जा सकता. रावत ने कहा कि मरकज एक बंद कोठी में हुआ था और कुंभ मेला एक खुले क्षेत्र में हो रहा है और इसमें अपने ही लोग शामिल हो रहे हैं.  आगे सीएम ने अंतर बताते हुए कहा कि जब मरकज हुआ तो लोगों को कोरोना के बारे में कुछ भी पता नहीं था कोई गाइडलाइन नहीं थी. लेकिन अब कोरोना को लेकर लोग जागरूक है उन्होंने कहा कि यह भी किसी को नहीं पता कि मरकज में शामिल हुए लोग कितने समय उस बंद जगह में रहे. अब लोग कोरोना की गाइडलाइन का पालन कर रहे है लोग जागरूक हैं.

कुंभ को लेकर पर्याप्त व्यवस्था- सीएम

तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कुंभ बारह साल में एक बार आता है और यह लाखों लोगों की आस्था तथा भावनाओं का केंद्र है. उन्होंने कहा कि कोविड-19 की चुनौतियों के बीच दिशा-निर्देशों के सख्त अनुपालन के साथ इसे सफलतापूर्वक आयोजित कराना हमारा लक्ष्य है. रावत ने कहा कि लोगों का स्वास्थ्य प्राथमिकता है लेकिन आस्था के मामलों को भी पूर्ण रूप से अनदेखा नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि हाल में निस्संदेह कोविड-19 के मामलों में वृद्धि हुई है लेकिन हम स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं और स्वस्थ होने की दर भी अच्छी है.  कुंभ में  किसी भी स्थिति का पालन करने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं है.  मुख्यमंत्री ने बताया कि बड़े पैमाने पर मास्क और सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई है और कोविड-19 दिशानिर्देशों के सख्त अनुपालन के लिए पूरी मशीनरी दिन रात लगी हुई है.  उन्होंने कहा कि हरिद्वार में प्रवेश और मेले में आने से पहले सीमाओं पर लोगों की जांच की जा रही है और इस दौरान रैंडम जांच की जा रही है.  श्रद्धालुओं को कुंभ में आने से पहले कोरोना का नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी अनिवार्य होगी।

उतराखंड में हालत खराब

बुधवार को हरिद्वार महाकुंभ का बैसाखी पर्व का तीसरा शाही स्नान है.  उत्तराखंड में मंगलवार को कोविड-19 के मामलों में और उछाल आया और पूरे प्रदेश में 1925 नए मामले सामने आए. देहरादून में सर्वाधिक 775 नए कोविड मामले आए जबकि हरिद्वार में 594, नैनीताल में 217 और उधमसिंह नगर में 172 नए मरीज मिले.  इसके अलावा पिछले 24 घंटों में महामारी से पीड़ि‍त 13 मरीजों ने दम तोड़ दिया.

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साभार - ऐसे भी जाने सत्य

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