देश | पश्चिम बंगाल

ममता का पीएम मोदी पर हमला: कहा- BJP चुनाव प्रचार के लिए बाहरी लोगों को ले कर आई जिससे कोरोना मामले बढ़े

जलपाईगुड़ी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने आज आरोप लगाया कि भाजपा (BJP) विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के लिए प्रचार अभियान में “बड़ी संख्या में बाहरी लोगों को” लेकर आई जिससे राज्य में हाल के दिनों में कोरोना (Corona) के मामलों में वृद्धि हुई।

ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने यहां एक चुनावी रैली में केंद्र की भाजपा-नीत सरकार पर आरोप लगाया कि वह अधिकतर लोगों के टीकाकरण के लिए राज्य के अनुरोध पर जवाब नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को टीका लगाने से बीमारी के प्रसार पर काबू पाने में मदद मिल सकती है।

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ममता (Mamata Banerjee) ने रैली में कहा कि वे लोग (भाजपा नेता) चुनाव प्रचार के लिए बाहरी लोगों को लेकर आए हैं जिससे कोविड मामलों में वृद्धि हुई। हमने कोविड स्थिति पर काबू पा लिया था लेकिन उन्होंने इसे जटिल बना दिया।

निर्वाचन आयोग द्वारा 24 घंटे के लिए चुनाव प्रचार पर रोक लगाए जाने के फैसले के संबंध में उन्होंने कहा, “क्या हिंदुओं, मुस्लिमों और अन्य लोगों को एक साथ वोट देने के लिए कहना गलती है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में क्या कहना है जो हर चुनावी बैठक में मेरा मजाक उड़ा रहे हैं? उन्हें चुनाव प्रचार करने से क्यों नहीं रोका गया?

प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) पर चुनावी रैलियों में झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता ने कहा, केंद्र ने एनआरसी और एनपीआर विधेयकों को जीवित रखा है, लेकिन गृह मंत्री ने एक सभा में दावा किया था कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को लागू करने की उनकी कोई योजना नहीं है।

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ममता (Mamata Banerjee) ने कहा, उन पर विश्वास मत करो। अगर वे सत्ता में आए तो आपको भी असम में 14 लाख बंगालियों (पूर्वोत्तर राज्य में अंतिम एनआरसी के संदर्भ में) जैसा अनुभव हो सकता है। भाजपा (BJP) एक खतरनाक पार्टी है जो बंगाल को विभाजित करने का प्रयास कर रही है।

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नई दिल्ली | SC on 12Th Board:  देश के ज्यादातर राज्यों में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित की जा चुकी इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बोर्ड ओर CBSE को यह निर्देश भी दिया है कि आने वाले 10 दिनों में परिणामों की घोषणा कर दी जाए. लेकिन अभी भी आंध्र प्रदेश अपनी परीक्षाओं को आयोजित करने को लेकर अड़ा हुआ है. अब आंध्र प्रदेश की जीत के आगे सुप्रीम कोर्ट में सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर राज्य के एक भी बच्चे को कुछ भी हुआ तो उसकी सारी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी. इसका खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहें. उसके साथ ही सर्वोच्च अदालत ने आंध्र प्रदेश की सरकार को किसी भी बच्चे के कोरोना संक्रमित होने और उसकी मौत पर एक करोड़ का मुआवजा तक चुकाने की बात कह डाली.

10 दिन के अंदर 31 जुलाई तक जारी करें परिणाम

SC on 12Th Board: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश की सरकार को यह साफ कर दिया कि जब तक बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती तब तक राज्यों में 12वीं बोर्ड की परीक्षा के लिए अनुमति नहीं देगा. इधर 12वीं के परिणामों में हो रही देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीएसई की तर्ज पर राज्य सरकार को बोर्ड के परिणामों की घोषणा करनी चाहिए. सभी स्टेट बोर्ड के ढीले रवैए पर एतराज जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 10 दिनों के अंदर 31 जुलाई तक नतीजों की घोषणा कर दें.

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कोर्ट ने पूछा आंध्र सरकार से यह सवाल

Justice m khanwilkar और Dinesh Maheshwari की पीठ ने आंध्र प्रदेश की सरकार से यह जानने का प्रयास किया कि वह आखिर फिजिकल परीक्षा क्यों लेना चाहता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब देश में कोरोना का नया खतरनाक वैरीअंट चल रहा है तो फिर बच्चों की जिंदगी से रिस्क क्यों लेना है. कोर्ट में आंध्र प्रदेश की सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि परीक्षा के आयोजन से एक भी बच्चे की मौत होती है तो वह राज्य सरकार को एक करोड़ के मुआवजे का आदेश देगी.

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