मध्य प्रदेश: भलाई का जमाना ही नहीं है!! मेडिकल टीम ग्रामीणों को टीका लगाने पहुंची तो गांव वालों ने लाठी-डंडो से किया हमला.. - Naya India
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मध्य प्रदेश: भलाई का जमाना ही नहीं है!! मेडिकल टीम ग्रामीणों को टीका लगाने पहुंची तो गांव वालों ने लाठी-डंडो से किया हमला..

किसी की भलाई करने चलो तो उल्टा ही होता है। पूरे देश में कोरोना का टीकाकरण जोरो-शोरों से हो रहा है। सरकार सभी से अपील कर रही है ज्यादा से ज्यादा संख्या में कोरोना वैक्सीनेशन करवाएं। इस बार कोरोना का संक्रमण गांवों में फैला है और मौतें भी गांवों से ही ज्यादा सामने आ रही है। मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को टीका लगाने गई तो उन पर उल्टा पड़ गया। मध्य प्रदेश के उज्जैन में टीकाकरण करने पहुँची स्वास्थ विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इस घटना में टीम के साथ ग्रामीणों को समझाने पहुँचे सहायक सचिव के पति शकील गम्भीर रूप से घायल हो गए। उनके अलावा अन्य कई को भी चोटें आई हैं। यह वाकया उज्जैन के पारदी मोहल्ले की है। स्वास्थ्य विभाग की टीम में तहसीलदार, पटवारी, एएनएम व अन्य अधिकारी शामिल थे। टीम में शामिल एक ड्राइवर ने कहा कि करीब ढाई सौ ग्रामीणों ने लट्ठ, पाइप, तलवार से टीम पर धावा बोल दिया।

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कोरोना वैक्सीन लगवाने से मौत हो सकती है-गांव वाले

ग्रामीणों का कहना है पारदी समाज ने स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला किया है। गांव में लोग दहशत और भय में हैं क्योंकि उन्हें आशंका है कि वैक्सीन लगवाने से मौत हो सकती है। इसलिए कोई भी टीका नहीं लगवाना चाह रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम पर हमला करने वाला युवक भी दूसरे गांव का है। घटना के बारे में बताया गया कि उन्हें थाना क्षेत्र के ग्राम माली खेड़ी में सोमवार (24 मई) की सुबह 10 बजे के करीब स्वास्थ विभाग की टीम टीकाकरण हेतु ग्रामीणों को टीका लगाने व समझाने पहुँचे, तो समझाइस के दौरान ही ग्रामीणों ने हमला बोल दिया।

पुलिस कर रही मामले की छानबीन

चूंकि नियमानुसार समझाने वालों में एक व्यक्ति गांव का होना जरूरी है तो सहायक सचिव के पति शकील भी टीम के साथ थे।  अचानक ग्रामीणों के हमले में शकील गंभीर रूप से घायल हो गए। बड़ी मुश्किल और ड्राइवर की सूझ-बूझ से जान बचा कर टीम सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकी। पुलिस अब पूरे  मामले की छानबीन कर रही है और हमला करने वालों की तलाश में जुटी है। पूरे मामले में सहायक सचिव के पति शकील(जिन्हें गंभीर चोट लगी है) का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि कोई भी टीका लगवाने को तैयार नहीं था तो तहसीलदार मैडम के साथ हम समझाने गए थे। अंदर तक तो हेमानी बाई, उस्मानी, चांदू लाल वगैरह  पब्लिक लेकर आ गए और मैडम से बहस के दौरान मुझे लट्ठ मार दिया।

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