Rajasthan Lockdown postpond: राजस्थान में 31 मई तक बढ़ सकता है लॉकडाउन, मुख्यमंत्री गहलोत आज कैबिनेट बैठक में लेंगे फैसला - Naya India
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Rajasthan Lockdown postpond: राजस्थान में 31 मई तक बढ़ सकता है लॉकडाउन, मुख्यमंत्री गहलोत आज कैबिनेट बैठक में लेंगे फैसला

राजस्थान सहित पुरा देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है। राजस्थान में 24 मई तक लॉकडाउन लगा रखा है। फिर भी कोरोना के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटे में राजस्थान में कोरोना के मामले 6225 दर्ज हुए है। और 125 लोगों का मौत हुई है। राजस्थान में लॉकडाउन पॉस्टपॉन होना तय है। माना जा रहा है कि प्रदेश में 31 मई या 10 जून तक लॉकडाउन बढ़ाने का निर्णय आज मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया जा सकता है।  मुख्यमंत्री अशोक की अध्यक्षता में आज होने वाली राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कोरोना के खतरे को लेकर चर्चा होगी।यह बैठक वीसी के ज़रिए की जाएगी। इस बैठक से पहले जहां मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के संकेत दिए हैं तो वहीं विशेषज्ञों ने भी सख्त कदम जारी रखने की जरूरत बताई है। सीएम अशोक गहलोत ने शुक्रवार देर शाम कोर ग्रुप के साथ कोरोना से बने हालातों की समीक्षा की। राजस्थान में कोरोना की हालत को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ाना ज़रूरी है। आज सीएम गहलोत राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कोरोना की समीक्षा करेंगे और लॉरडाउन को बढ़ाने का निर्णय लेंगे। हालंकि राजस्थान में लॉकडाउन के बाद कोरोना के मामले कम होने शरु हुए है। राजस्थान में कोरोना का टीकाकरण भी चल रहा है जिसमें 18 से ज्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीनेट किया जा रहा है। सरकार के अथक प्रयासों के बाद भी कोरोना का संक्रमण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना के बढ़ते हुए संक्रमण को देखते हुए आज गहलोत सरकार कई बड़े फैसले ले सकती है। कोरोना के संक्रमण का असर बच्चों पर भी दिखने लगा है। प्रदेश में बच्चों के कोरोना संक्रमित होने के मामले सामने आये है। राजस्थान में ब्लैक फंगस के मामले भी बढ़ने शुरु हो गये है। कई कोरोना मरीजों की ब्लैक फंगस के कारण मौत हो गयी है। राजस्थान सरकार ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है। तथा इसे मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में भी शामिल किया है।

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बैठक में लॉकडाउन बढ़ने पर होगा निर्णय

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जन अनुशासन पखवाड़ा, महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा और लॉकडाउन जैसे सख्त कदमों का असर अब दिखने लगा है। लेकिन संक्रमण की स्थिति और मृत्यु दर अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। ऐसे में हमें लॉकडाउन का और अधिक सख्ती से पालन करवाने के साथ सामाजिक व्यवहार में संयम और अनुशासन को लगातार बरकरार रखना होगा। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद प्रदेश में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की घोषणा हो सकती है। साथ ही कुछ सख्तियां और बढ़ई जा सकती हैं। बैठक में जिलों का दौरा कर रहे मंत्रियों से फीडबैक लेकर उसके आधार पर लॉकडाउन बढ़ाने का निर्णय होगा।

तीसरी लहर को देखते हुए अभी स्कूल खुलने की संभावना नहीं

वैज्ञानिकों का दावा है कि भारत में तीसरी लहर का आना निश्चित है। जो बच्चों पर असर डालेगी इस वजह से  तीसरी लहर को देखते हुए अभी स्कूल खुलने की संभावना नही है। शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि  शिक्षा विभाग अधिकतम काम ऑनलाइन करने का रोडमेप तैयार करें। कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को सप्ताह में एक बार चार विषयों का होमवर्क दिया जाएगा। 6 से12 के विद्यार्थियों को सप्ताह में दो बार सभी विषयों का होमवर्क दिया जाएगा। वर्ष 2020 से सभी निजी संस्थान और स्कूल बंद कर रखे है। कोरोना ने बच्चों का भविष्य खराब कर दिया है।

कोरोना की तीसरी लहर आना निश्चित है-विशेषज्ञ

भारत अभी कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जूझ रहा है। कोरोना की दूसरी लहर अति भयानह होती जा रही है। कोरोना अपने साथ कई अन्य बीमारियां लेकर आया है। कोरोना से उभर रहे मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण देखने को मिल रहा है। ब्लैक फंगस के बाद लोग अब व्हाईट फंगस से भी पीड़ित हो रहे है। वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की वैक्सीन भी दी है। भारत में 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना का टीकाकरण किया जा रहा है। इस बीच वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत में  कोरोना की तीसरी लहर भी आएगी। लेकिन ये कब आएगी ये निश्चित नहीं है। प्रत्येक नई लहर पुरानी लहर के खत्म होने के 3-4 माह बाद आती है। तो यह अनुमान लगाया जा सकता है कि तीसरी लहर का आगमन नवंबर-दिसंबर तक होगा। तीसरी लहर बच्चों और युवाओं पर ज्यादा असर डालेगी। जिसको लेकर माता-पिता और डॉक्टर्स ने पूरी तैयारी कर ली है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि तीसरी लहर दूसरी लहर से भी ज्यादा संकामक होगी। भारत के कुछ राज्यों में कोरोना का पीक आ चुका है। जिस कारण से वहां कोरोना के मामले कम आ रहे है।

सख्ती जारी रखने की जरूरत

बैठक में चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने भी कहा कि संक्रमण की स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन का पालन प्रदेश के हित में है। बैठक में शामिल चिकित्सा विशेषज्ञों डॉ. राजाबाबू पंवार, डॉ. सुधीर भण्डारी और डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने भी दूसरी और तीसरी लहर में ज्यादा अंतर की बात नहीं होने की बात कहते हुए लॉकडाउन जारी रखने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि पहली लहर के बाद कोविड प्रोटोकॉल के पालन में लापरवाही हुई। हमें इसके अनुभव से सबक लेते हुए सख्त कदम जारी रखने होंगे। बैठक में सीएम गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने संकट की इस घड़ी में लोगों का जीवन बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। लेकिन शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी संक्रमण का काफी प्रसार हुआ है। युवा वर्ग, गर्भवती महिलाएं और बच्चे भी संक्रमण की चपेट में आए हैं। ऐसे में सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत बनाना है।

ऑक्सीजन का बफर स्टॉक तैयार

बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सैम्पलिंग बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही आगामी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर सीएचसी और पीएचसी स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं को योजनाबद्ध ढंग से मजबूत किया जाएगा। वहीं मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने जानकारी दी कि मेडिकल ऑक्सीजन का बफर स्टॉक तैयार कर लिया गया है। साथ ही स्थानीय स्तर पर भी ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पहली और दूसरी लहर के अनुभवों से सबक लेते हुए तीसरी लहर के लिए योजना बनाई जा रही है।

बैठक में चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि डोर-टू-डोर सर्वे का पहला चरण पूरा हो गया है और दूसरे चरण में भी 60 प्रतिशत भाग कवर लिया गया है। उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस महामारी के इलाज के लिए गाइडलाइन जारी करने के साथ ही दरें तय कर दी गई हैं। इसके उपचार के लिए 20 अस्पताल चिन्हित किए गए हैं, साथ ही चिकित्सकों को उपचार और सर्जरी के लिए जरूरी ट्रेनिंग भी दे दी गई है।

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