• [EDITED BY : Vivek Saxena] PUBLISH DATE: ; 16 May, 2019 07:41 AM | Total Read Count 155
  • Tweet
चीन-अमेरिकी टकराव में भारत की मुश्किल

आम चुनाव के 23 मई को नतीजे आने के बाद देश में सरकार किसकी बनेगी, यह तो वक्त बताएगा मगर मौजूदा आर्थिक हालात बताते हैं कि उसके बाद जो भी सरकार आएगी उसको बहुत बदनामी का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि महंगाई अपनी चरम सीमा पर होगी। इसकी एक वजह एक मई से अमेरिका द्वारा ईरान पर भारत को तेल बेचने पर प्रतिबंध लगाया जाना ही नहीं है बल्कि पिछले कुछ समय से अमेरिका व चीन के व्यापारिक रिश्तो में आने वाला तनाव व टकराव भी है। 

पिछले एक सप्ताह से लगभग हर दिन हमारा शेयर बाजार तेजी से गिर रहा है क्योंकि अमेरिका ने चीन से किए जाने वाले आयात पर कर बढ़ा दिए हैं। पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन से होने वाले 200 अरब के आयात पर 10 से 25 फीसदी तक कर बढ़ाया और फिर वहां से आने वाले 325 अरब डालर के सामान पर 25 फीसदी कर लगा दिया। 

अब चीन भी ऐसा ही कर रहा है। इसका असर भारतीय बाजारों समेत पूरी दुनिया में देखा जा सकता है। अमेरिका व चीन दशको से काफी लंबा चौड़ा व्यापार करते आए हैं हालांकि भुगतान संतुलन अमेरिका के पक्ष में नहीं रहा है व चीन 323 अरब डालर का ज्यादा सामान अमेरिका को बेचता है। दोनों देशों के बीच दशको से व्यापार को लेकर टकराव चला आ रहा है। अमेरिका का आरोप रहा है चीन उसकी बौद्धिक संपदा को चुराता है व विश्व व्यापार संगठन के नियमो  की धज्जियां उड़ता है। वह उसकी तकनीक चोरी कर रहा है जोकि उसने अमेरिकी कंपनियों, विश्व विद्यालयो से लेकर अनुसंधान संस्थाओं व सेना तक से चुराई है। उसने उसके देश के कंपनियों के पेटेंट व कॉपी राइट की ऐसी तैसी करके रख दी है।

चीन की चोरी का आलम यह है कि वह अमेरिका सरीखे देश के सैन्य विमान बी-2 स्टील्थ लडाकू, एफ 22, एफ-36 मिलिटरी वाहन समेत अनेक शटल वाहनों, मिसाइलो, रोबोट के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मोबाइल सेल्यूलर टेक्नोलॉजी में किए गए आधुनिकतम शोध चुरा चुका है। कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि चीन इतिहास की सबसे बड़े साइबर चोरी करके अमेरिकी पूंजी अपने यहां ला रहा है। वह मैट्रियान मिसाइल, थर्मल इमेजिंग, एफ-15 फाइटर विमानों व स्पेस शटल की तकनीको की चोरी कर चुका है। 

चीन हर साल 825 अरब डालर मूल्य की तकनीक चुरा रहा है। वह यह काम अमेरिकी कंपनियों में काम करने वाले लोगों व चीनी कंपनियों के साथ मिलकर अमेरिकी कंपनियों के जरिए करता है। ध्यान रहे कि चीन एक वामपंथी देश है जहां का उद्योग व्यापार सरकार व निजी हाथों में है। सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए काफी कम वेतन देती है व बड़ी तादाद में कच्चे माल पर सब्सिडी देती है जिसके कारण वहां उत्पादन काफी सस्ता हो जाने से करीब 200 अमेरिकी कंपनियो वहां अपने उत्पादन बना रही है। वहां सरकार ने सरकारी व निजी कंपनियों के लिए अलग-आल कानून बना रखे हैं। 

चीन न केवल दुनिया के सोलर पेनल्स का सबसे बड़ा निर्माता है बल्कि उसने मर्सीडीज, बीएमडब्ल्यू, वोल्वो तक की नकल कर गाडि़या तैयार कर रखी है। अमेरिका का आरोप है कि जब कोई अमेरिकी कंपनी चीन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करती है तो चीनी कंपनी उसके रहस्य चुरा लेती है। जिससे हम लोग अपने पेटेंट व बौद्धिक संपदा अधिकार खो देते हैं। पिछले दिनो चीन की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी हुआवेई की उपाध्यक्ष व उसके मालिक की बेटी को अमेरिका ने ईरान की मदद करने व बौद्धिक संपदा की चोरी किए जाने के अपराध में कनाडा में गिरफ्तार करवाया था व इस गिरफ्तारी को लेकर अभी तक विवाद चल रहा है। मेंग नामक यह अधिकारी कंपनी की प्रमुख वित्तीय अधिकारी थी। वह अभी तक जेल में है। 

तमाम कोशिशों के बावजूद अमेरिका अभी तक चीन पर प्रभावी नियंत्रण लगा पाने में नाकाम रहा है। अपने चुनाव अभियान के दौरान भी ट्रंप ने सत्ता में आने पर सबक सिखाने की चेतावनी दी थी। अब उन्होंने चीन को धमकाते हुए कहा है कि उसे यह भूल जाना चाहिए कि 2020 में कोई डेमोक्रेट अमेरिका की सत्ता में आएगा। उन्होंने निराश होकर कहा कि अनेक वर्षों तक अमेरिका पर मूर्ख नेतृत्व के कारण हम चीन के साथ अपना व्यापारिक युद्ध पहले ही हार चुके हैं। वह हमारे देश की संपत्ति व संपदा के साथ लोगों की नौकरियों के अवसर व उनका वेतन भी चुरा रहा है। वे उसके खिलाफ और सख्ती कर चीनी सामान महंगा कर देने की बात कह चुके हैं। 

इस सबका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा जिसमें भारत भी शामिल है। भारत पर इसका सबसे बुरा असर पड़ेगा। भारत के सेल्यूलर दूरसंचार पर चीन का लगभग कब्जा हो चुका है। देश का 51 फीसदी व्यापार उसकी स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी शियोमी, हुआवेई आदि के हाथ में है। जबकि अलीबाबा फ्लिपकार्ट पेटीएम पर हावी है। वह हमसे कच्चा माल लेता है व हमारे दुश्मन पाकिस्तान का यह दोस्त हमें तैयार माल बेचता है।

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

Categories