भाजपा में फिलहाल फ्री फॉर ऑल...!


[EDITED BY : Super Admin] PUBLISH DATE: ; 12 June, 2019 11:28 AM | Total Read Count 162
भाजपा में फिलहाल फ्री फॉर ऑल...!

राकेश अग्निहोत्रीः भाजपा में नेता हो या कार्यकर्ता जब सबकी नजर दिल्ली पर टिक चुकी.. यानी मोदी सरकार बनने के बाद भाजपा नेतृत्व की आखिर मध्य प्रदेश के लिए क्या गाइडलाइन और उसकी दिशा होगी ..तब मध्यप्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और  राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कमलनाथ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल अपनी ओर से संदेश दिया है कि जनता के दुख दर्द में वह उनके साथ हंै.. शिवराज ने दुष्कर्म की शिकार मासूम को न्याय दिलाने के लिए  जनभागीदारी के साथ सामाजिक आंदोलन की लाइन को गैर राजनीतिक रूप से शुरू किया, जिसमें भाजपा बाद में शामिल हुई..

भोपाल से बाहर उज्जैन हो या फिर नौगांव राजनगर छतरपुर मे भी  विरोध प्रदर्शन में  जनता की भागीदारी देखने लगी ..तो किसानों के मुद्दे पर कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली और पश्चिम बंगाल से समय निकालकर इंदौर में अपनी जिम्मेदारी से ज्यादा ताकत का एहसास कराया.. इस बीच क्षेत्र के विधायक और पूर्व मंत्री भी इन दोनों नेताओं की मुहिम का हिस्सा बने .. देर से ही सही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह के सीधे हस्तक्षेप के बाद भाजपा ने तीसरे बड़े मुद्दे बिजली कटौती के खिलाफ मुहिम शुरू करते हुए सभी जिला मुख्यालयों पर ढोल-मंजीरों के साथ लालटेन यात्रा निकालने का ऐलान भी कर दिया.. जब कमलनाथ अपने मंत्रियों  और संगठन के नेताओं के साथ मिलकर  विधायकों की एकजुटता के साथ  विपक्षी द्वारा खड़े किए जा रहे सवालों का जवाब  सरकार में कसावट अधिकारियों पर नकेल  कसने की कोशिश के साथ दे रहे ..

तब  तीन बड़े मुद्दे चाहे फिर वे किसान से जुड़े हों या फिर कानून व्यवस्था और समाज में जनजागरण या फिर बिजली कटौती.. भाजपा पिछले 72 घंटे में अलग-अलग मोर्चों पर सक्रिय नजर आई.. जो कमलनाथ सरकार की समस्या में इजाफा कर रहे.. लेकिन भाजपा में समन्वय और सामंजस्य की कमी भी साफ देखी जा सकती है.. जो आक्रामकता, एकजुटता  जीवंत और ज्वलंत मुद्दों पर धार देने के लिए  भाजपा के अंदर  खासतौर से मोदी सरकार 2 बनने के बाद  नजर आना चाहिए  वह कम से कम मध्यप्रदेश में नहीं दिख रही ..फिलहाल भाजपा में फ्री फॉर ऑल की स्थिति नजर आ रही यानी राजनीतिक गैर राजनीतिक कार्यक्रम राज्य सरकार के खिलाफ, लेकिन जिसके लिए भाजपा जानी जाती वो तालमेल, वो तेवर और विपक्ष की भूमिका में नजर नहीं आ रहा, जिसे बड़ा आंदोलन माना जा सके...

इधर श्रद्धांजलि सभा, उधर किसान आक्रोश ट्रैक्टर रैली और आज लालटेन रैली...ः भाजपा संगठन के सीधे किसी प्रदेश व्यापी बड़े आंदोलन के ऐलान से पहले पार्टी के दो बड़े नेताओं शिवराज सिंह चौहान और कैलाश विजयवर्गीय पर फोकस बना.. संगठन स्तर पर ना कोई बैठक ना कोई योजना नहीं कार्यक्रमों पर विचार मंथन फिर भी शिवराज और कैलाश ने विपक्ष की भूमिका निभा रही भाजपा को मानो जगा दिया.. ऐसा नहीं कि नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव अपने स्तर पर सक्रिय नहीं है विधानसभा सत्र की गंभीरता को देखते हुए गोपाल भी सक्रिय हैं लेकिन पार्टी में निर्णायक भूमिका में नजर नहीं आ रहे हैं.. कम से कम सड़क की राजनीति में ..

ऐसे में पश्चिम बंगाल और दिल्ली की राजनीति में व्यस्त कैलाश विजयवर्गीय और उनके समर्थकों ने इंदौर में किसान आक्रोश ट्रैक्टर रैली का समय निर्धारित कर इसका ऐलान कर दिया.. इंदौर स्तर पर इस मुहिम के जरिए कैलाश ने भले ही सियासी हित साधे हो, लेकिन दूसरे संभाग और जिले के नेता भी इस लाइन को अपने क्षेत्र में बढ़ती हुई देखना चाहते हैं.. वह बात और है कि किसान रैली से ज्यादा चर्चा उस हादसे की हुई जब मंच टूट गया और  विधायक समेत कई कार्यकर्ता घायल हो गए.. तो दूसरी ओर दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं ने मानो शिवराज को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया..

शिवराज ने पिछले 72 घंटे में इस मुद्दे पर में सिर्फ भाजपा के नेता और कार्यकर्ताओं को ही नहीं जोड़ा, बल्कि इसे गैर राजनीतिक मुहिम बताकर समाज में जन जागरण की लाइन को आगे बढ़ा दिया.. कैंडल मार्च से लेकर चीफ जस्टिस को पोस्टकार्ड की मुहिम के बाद भाजपा को सीधे तौर पर इससे जुड़ना पड़ा और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन भोपाल में किया गया..  जिसमें भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर भी दूसरे नेताओं के साथ नजर आईं.. खबर आई कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह भी इसमें शिरकत करेंगे, लेकिन दिल्ली की बढ़ती व्यस्तताओं के बीच वो नहीं आ पाए.. जिन्हें जबलपुर से भोपाल आना था..

वो दिल्ली गए, जहां 13 जून को भाजपा के केंद्रीय पदाधिकारियों के साथ प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्रियों की संयुक्त बैठक होने जा रही है.. इससे पहले 12 जून को इसके एजेंडे को भी महत्वपूर्ण चुनिंदा पदाधिकारियों के साथ चर्चा कर अंतिम रूप दिया जा सकता है.. इस बैठक से ही भाजपा संगठन को एक नई दिशा मिल सकती है और इसमें मध्यप्रदेश के लिए भी कोई गाइडलाइन सामने आ सकती.. फिर भी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह लालटेन यात्रा में शामिल होने के लिए 12 जून को भोपाल में मौजूद रहेंगे.. जबकि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को शुजालपुर भेजा जा सकता है..

भाजपा का लोकसभा चुनाव के बाद पहला बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा.. वो बिजली कटौती के विरोध में लालटेन यात्रा के तौर पर प्रदेशव्यापी शुरुआत करेगी.. हर जिला मुख्यालय पर केंद्रीय मंत्रियों को छोड़ दिया जाए तो क्षेत्र के सांसद, पूर्व मंत्री, विधायक, जिलाध्यक्ष को शामिल होने का फरमान जारी कर दिया गया है.. कैलाश विजयवर्गीय ने किसानों के जिस मुद्दे को उठाया और शक्ति प्रदर्शन के साथ शासन-प्रशासन और कमलनाथ सरकार को जो संदेश दिया उसमें कहीं ना कहीं संदेश प्रदेश भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं के लिए भी छुपा नजर आ रहा है..

मध्यप्रदेश के दूसरे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चाहे फिर वो प्रभात झा अभी तक न तो शिवराज और ना कैलाश विजयवर्गीय के आंदोलन का हिस्सा बने.. प्रदेश भाजपा के ज्यादातर जिम्मेदार पदाधिकारी भी इस मुहिम से दूर ही देखे गए.. सवाल यहीं पर खड़ा होता है कि भाजपा का प्रदेश संगठन आखिर किस मोड़ पर खड़ा हो गया है.. जहां बड़े और जिम्मेदार नेता व्यक्तिगत स्तर पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हैं ..लेकिन संगठन को देर से जागने को मजबूर होना पड़ा.. शिवराज सिंह चौहान के सड़क पर उतरने के बाद भाजपा संगठन जो संदेश पूरे प्रदेश में अपने कार्यकर्ताओं को नहीं दे पाया वह शिवराज ने जरूर कैंडल मार्च श्रद्धांजलि सभा से दे दिया.., लेकिन संगठन स्तर पर जमावट या तो और फ्लॉप साबित हो रही या फिर उसने कमलनाथ सरकार के खिलाफ सड़क की राजनीति को लेकर अभी पूरी तरह से मन नहीं बनाया है..

तो बड़ा सवाल क्या प्रदेश प्रभारी से लेकर प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री नेता प्रतिपक्ष पूर्व मुख्यमंत्री राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश के जिम्मेदार पदाधिकारियों को सही में दिल्ली की गाइडलाइन का इंतजार है .. तो क्या भाजपा भ्रम में हैं तो सवाल आखिर भाजपा द्वंद से बाहर कब निकलेगी चाहे फिर नेतृत्व की स्वीकार्यता हो या फिर महत्वाकांक्षा और हाईकमान का वरदहस्त प्राप्त करने की कवायद..

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

Categories