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अर्थव्यवस्था तो बदहाल है

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भारतीय अर्थव्यवस्था में खुशहाली के सर्टिफिकेट लगातार जारी कर रही हैं, लेकिन सामने आने वाले जमीनी आंकड़े उनका खंडन करते दिखते हैं। सरकार मूडी’ज जैसी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों या वर्ल्ड बैंक के कुछ सूचकांकों का खूब प्रचार करती है। मगर खुद उसकी एजेंसियां जो तस्वीर बताती हैं, उससे इस प्रचार की हवा निकलती है। सरकारी आंकड़ों का निष्कर्ष है कि जमीनी हालत नहीं सुधर रही है। पहले ये बात भारतीय रिजर्व बैंक ने कही थी। अब ताजा खबर यह है कि नवंबर में भारतीय अर्थव्यवस्था को दोहरा झटका लगा। एक तरफ उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा महंगाई में इजाफा हुआ, वहीं औद्योगिक विकास दर में गिरावट आई। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक नवंबर महीने में खुदरा महंगाई दर अक्टूबर के 3.58 फीसदी से बढ़कर 4.88 फीसदी हो गई।

ये आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मध्यम अवधि के लिए तय 4 फीसदी के लक्ष्य से अधिक है। रिजर्व बैंक ने पिछले दिनों मौद्रिक नीति का एलान करते हुए महंगाई दर के चार फीसदी से आगे जाने की आशंका जताई थी। मगर नवंबर में बात सिर्फ इतनी नहीं रही। इस महीने औद्योगिक उत्पादन में गिरावट आई। अक्टूबर में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) दर 2.2 फीसदी रही, जो उसके पिछले महीने में 3.8 फीसदी थी। बेमौसम बारिश की वजह से खाद्य पदार्थों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है, जिसकी वजह से खुदरा महंगाई में इजाफा हुआ है। पिछली मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। जिसे लेकर उद्योग जगत ने निशाना जाहिर की थी। अब महंगाई दर के और बढ़ने के बाद ब्याज दरों में गिरावट की संभावना और घट गई है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने हाल में दावा किया था कि महंगाई दर नियंत्रण में बनी हुई है।

ब्याज दरों को स्थिर रखने को मंत्रालय ने इस बात के सबूत के तौर पर पेश किया। वित्त मंत्रालय ने कहा कि रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समिति ने सरकार की कई महत्व्िपूर्ण पहलों- जीएसटी, बैंक पुनर्पूंजीकरण पैकेज और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में सुधार को ध्यान में रखा। इसी कारण आर्थिक वृद्दि दर के अनुमान को 6.7 फीसदी पर बरकरार रखा। मगर अब इस दावे पर सवाल खड़े किए जा सकते हैं। प्रश्न यह है कि औद्योगिक उत्पादन गिर रहा है और महंगाई बढ़ रही है, तो अर्थव्यवस्था की खुशहाली का कथनाक कैसे बुना जा सकता है? 

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