Loading... Please wait...

माइक्रो-मैनेजमेंट की जीत

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों में अगर वोट प्रतिशत पर गौर करें, तो कांग्रेस आगे रही। मगर भाजपा को सीटें कांग्रेस की तुलना में काफी ज़्यादा मिलीं। ऐसा कैसे हुआ, अब राजनीति-शास्त्री इस पर माथापच्ची करेंगे। मगर पहली नज़र में संकेत यही है कि भाजपा ने अपने माइक्रो-मैनेजमेंट का कमाल फिर दिखाया है। ऐसी चर्चा पहले से थी, जहां वह मुकाबले में नहीं है, वहां उसने (और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने) ने जनता दल (एस) को वोट ट्रांसफर किए। जेडी (एस) ने भी ऐसा ही किया या नहीं, इस बारे में फिलहाल सिर्फ़ अनुमान लगाया जा सकता। बहरहाल, भाजपा ने चुनाव से पहले 2013 में बिखरे अपने वोटों को साथ लाने में शुद्धता-अशुद्धता की परवाह नहीं की। पांच साल पहले भाजपा 9.8 फ़ीसदी वोट काट देने वाले बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया। रेड्डी बंधुओं को टिकट दिया। पैसे की ताकत झोंकी।

धुआंधार चुनाव अभियान के जरिये सांप्रदायिक गोलबंदी की कोशिश की। इस तरह इस आम धारणा के विपरीत नतीजा उसने हासिल किया कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के शासनकाल में हुए जन-कल्याण कार्यों की बदौलत कांग्रेस मजबूत विकेट पर है। ज्यादातर चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों और एग्जिट पोल नतीजों में टक्कर कांटे की दिखाई गई थी। मगर सीटों के लिहाज से देखें, तो नतीजा वैसा नहीं है। हालांकि वोट प्रतिशत पर ध्यान दें, तो कहा जा सकता है कि एग्जिट पोल के नतीजे गलत नहीं थे। बल्कि यह याद करना मुश्किल है कि इसके पहले भारत में कब और कहां ऐसा चुनाव परिणाम सामने आया, जिसमें कम वोट पाकर भी कोई पार्टी बहुमत के करीब पहुंच गई हो। जाहिर है, इस बारे में अब कई तरह के कयास लगाए जाएंगे। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में हेरफेर का शक भी जताया जाएगा। मतगणना से एक दिन पहले एक भाजपा नेता के होटल के कमरे से पोस्टल बैलेटों की बरामदगी और मतदान के दिन कई जगहों पर वोटिंग मशीनों की गड़बड़ी का सवाल उठाया जाएगा।

यह सवाल पहले ही खासा चर्चित है कि आखिर जहां वोटिंग मशीन में गड़बड़ी होती है, वहां कोई बटन दबाने पर वोट भाजपा को ही क्यों जाता है? ऐसे सवाल लोकतंत्र की सेहत के लिए बेहद खराब हैं। चुनाव नतीजों की पवित्रता हर हाल में बनी रहे, यह लोकतंत्र की बुनियादी शर्त है। इसलिए बेहतर होगा कि ऐसे तमाम संदेहों को दूर करने के लिए निर्वाचन आयोग अतिरिक्त प्रयास करे। फिलहाल, मोदी-शाह की जोड़ी ने एक और कमाल कर दिया है। 

319 Views

बताएं अपनी राय!

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

© 2018 ANF Foundation
Maintained by Quantumsoftech