नीति समीक्षा की जरूरत

इस बात की उम्मीद बहुत कम है कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार लोकसभा चुनाव के ठीक पहले अपनी कश्मींर नीति में कोई बदलाव करेंगे। मगर इसके बिना भारत अपना मकसद पूरा कर पाएगा, इसको लेकर गहरा संदेह पैदा हो गया है। पुलवामा हमले के बाद इस नीति पर नए सिरे से विचार की जरूरत महसूस की जा रही है। मगर ऐसा होने की उम्मीद इसलिए नहीं है, क्योंकि आम चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रोन्माद भड़काना सत्ताधारी दल को अपने फायदे में नजर आ सकता है। इस हमले के बाद कांग्रेस ने कहीं अधिक परिपक्वता का परिचय दिया। प्रियंका गांधी वड्रा ने अपनी पहले से तय प्रेस कांफ्रेंस दो मिनट मौन के साथ खत्म कर दी। इस मुद्दे पर राजनीति न की जाए, यही संदेश देने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नई दिल्ली में जी-20 देशों के राजदूतों के साथ अपनी बैठक स्थगित कर दी। सरकार ने तुरंत सरकार की आलोचना करने से भी इनकार कर दिया। गौरतलब है कि पाकिस्तान-स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मुहम्मद द्वारा हमले की जिम्मेदारी लेने के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान से बदला लेने की बात कही है। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सतपाल मलिक ने तीन महीने के भीतर सभी आतंकवादियों के सफाए की बात की है।

उधर हमला करने वाले आत्मघाती आतंकवादी आदिल अहमद दर के पिता गुलाम हसन डार ने कहा है कि सरकार को पता लगाना चाहिए कि नौजवान क्यों बंदूक उठा रहे हैं। अब सवाल है कि क्या इस बात पर ध्यान दिया जाएगा। अब तक कश्मीर में आतंकवाद की समस्या के सैन्य समाधान पर भरोसा किया गया है। क्या इस राय की समीक्षा की जाएगी। गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद आतंकवाद के सफाए और आतंकवादी हमलों के बंद होने के दावे अब खोखले साबित हो चुके हैं। यह भी स्पष्ट हो गया है कि मोदी सरकार ने पिछले पौने पांच साल में कश्मीर की स्थिति को सुधारने की बजाय बिगाड़ा ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नीति का हवाला दिया है। वाजपेयी ने श्रीनगर जाकर इंसानियत के दायरे में बात करने की घोषणा की थी। तब कश्मीरी जनता ने किस कदर उत्साह के साथ उनका स्वागत किया था। बाद में जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार ने वहां कुछ विशिष्ट नागरिकों की एक टीम को स्थिति का जायजा लेने भेजा, तब भी स्थिति सुधरने की कुछ उम्मीद बंधी। लेकिन ये सारी पहल निष्फल रही हैं। 

219 Views

बताएं अपनी राय!

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।