Loading... Please wait...

साइबर खतरे की चेतावनी

भारत सरकार देश को डिजिटल तकनीक की तरफ बढ़ाने में खासा उत्साह दिखा रही है। लेकिन इस रास्ते में मौजूद खतरों के निवारण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। भारतीय तकनीकी संस्थान (आईआईटी)- कानपुर के एक अध्ययन का यही निष्कर्ष है। अध्ययनकर्ताओं ने कहा है कि साइबर अपराधों के खतरे को ध्यान में रखते हुए भारत को साइबर सुरक्षा आयोग का गठन करना चाहिए। आईआईटी ने ये रिपोर्ट वित्तीय मामलों पर संसद की स्थायी समिति को सौंपी है। इसमें कहा गया है कि सरकार ने पूरी तरह डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। इसके मद्देनजर भारतीय रिजर्व बैंक की और से स्थापित साइबर सुरक्षा केंद्र पर्याप्त नहीं हैं। बैंकों के ऐसे केंद्र अक्सर सलाह के लिए आईआईटी का रुख करते हैं। लेकिन आईआईटी में साइबर सुरक्षा पर प्रासंगिक शोध नहीं हो रहे हैं। जब केंद्र बड़े पैमाने पर आधार कार्ड के जरिए वित्तीय लेन-देन को बढ़ावा दे रहा है, आधार के आंकड़ों के अनधिकृत उपयोग को रोकना अनिवार्य हो जाता है।

हाल में आधार के आंकड़े चोरी होने की कई घटनाएं सामने आई हैं। इससे आधार से जुड़ी सूचनाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल गहराए हैं। वैसे भी भारत में साइबर अपराध की घटनाएं तेजी बढ़ी हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2014 के मुकाबले 2015 में इन घटनाओं में सौ फीसदी वृद्धि हुई। 2013 में ऐसे 71,780 मामले सामने आए, जो 2014 में 1.49 लाख तक पहुंच गए। 2015 में इनकी तादाद लगभग तीन लाख हो गई। आईआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के दिनों में रहस्यमय गिरोहों की ओर से रक्षा, दूरसंचार और शोध संस्थानों की वेबसाइटें हैक करने के मामले भी सामने आए हैं।

इन सबके मद्देनजर अध्ययनकर्ताओं ने राय जताई है कि जिस तरह बिना समुचित सुरक्षा के हर जरूरी सेवा को आधार नंबर से जोड़ा जा रहा है, वह चिंता का विषय है। ध्यान दिलाया गया है कि नोटबंदी के बाद 30 लाख से ज्यादा बैंक खातों, एटीएम और डेबिट कार्डों पर साइबर हमले की कोशिश की गई। पेटीएम, भीम ऐप, यूपीआई और दूसरे डिजिटल वालेट का इस्तेमाल बढ़ने के साथ-साथ साइबर खतरे भी बढ़े हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि साइबर सुरक्षा बढ़ाने के लिए देश को निजी-सरकारी माडल के आधार पर चलना होगा, जिसमें कम-से-कम चार अरब डालर के निवेश की जरूरत होगी। जाहिर है, ये सामयिक चेतावनी है, जिसकी अनदेखी करना खतरनाक होगा।

Tags: , , , , , , , , , , , ,

195 Views

बताएं अपनी राय!

हिंदी-अंग्रेजी किसी में भी अपना विचार जरूर लिखे- हम हिंदी भाषियों का लिखने-विचारने का स्वभाव छूटता जा रहा है। इसलिए कोशिश करें। आग्रह है फेसबुकट, टिवट पर भी शेयर करें और LIKE करें।

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

आगे यह भी पढ़े

सर्वाधिक पढ़ी जा रही हालिया पोस्ट

भारत ने नहीं हटाई सेना!

सिक्किम सेक्टर में भारत, चीन और भूटान और पढ़ें...

बेटी को लेकर यमुना में कूदा पिता

उत्तर प्रदेश में हमीरपुर शहर के पत्नी और पढ़ें...

पाक सेना प्रमुख करेंगे जाधव पर फैसला!

पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय और पढ़ें...

© 2016 nayaindia digital pvt.ltd.
Maintained by Netleon Technologies Pvt Ltd