Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

भारत के लिए अपमानजनक

मोदी पत्रकारों के सवालों का जवाब देना पसंद नहीं करते, यह जग-जाहिर है। इसलिए भारत का प्रेस कांफ्रेंस ना रखने का अनुरोध असामान्य नहीं है। असामान्य अमेरिका का उस अनुरोध के प्रति दिखाई गई बेकद्री है।

कूटनीतिक स्तर पर हुए संदेशों के आदान-प्रदान की सार्वजनिक चर्चा कर अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने जताया है कि ट्रंप काल में अमेरिका के मन में भारतीय नेतृत्व के प्रति कितनी बेकद्री भरी हुई है। जो उन्होंने बताया, उनसे यह और भी स्पष्ट हुआ। यह सवाल भारत सरकार से पूछा जाएगा कि आखिर यह स्थिति उसने क्यों बनने दी है? भारत में अमेरिकी राजदूत गोर ने एक कार्यक्रम में बताया कि जून में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वहां जाने का कार्यक्रम बना, तो भारतीय विदेश मंत्रालय ने अनुरोध किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ उनकी मुलाकात की तस्वीरें लेने की अनुमति दी जाए, लेकिन सवाल-जवाब वाली पूरी कॉन्फ्रेंस ना रखी जाए।

गोर ने यह नहीं कहा, लेकिन अनुमान लगाया जा सकता है कि भारत की इस शर्त पर अमेरिका सहमत हुआ। लेकिन मुलाकात के बाद मोदी और डॉनल्ड ट्रंप मीडिया के सामने आए, तो शुरुआती बयान पूरा होते ही ट्रंप ने वहां मौजूद पत्रकारों से खुद ही पूछ लिया कि क्या “कोई सवाल है?” उसके बाद वे 45 मिनट तक सवालों के जवाब देते रहे, जबकि मोदी खामोश बैठे रहे। इस खुलासे से बनी असहज स्थिति के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने सफाई दी कि किसी शीर्ष नेता के विदेशी दौरों से पहले मीडिया में उनकी उपस्थिति के प्रारूप को लेकर संबंधित देशों के बीच चर्चा होना ‘मानक प्रोटोकॉल’ है। भारतीय पक्ष ने अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार ही मीडिया कवरेज का अनुरोध किया।

मोदी पत्रकारों के सवालों का जवाब देना पसंद नहीं करते, यह जग-जाहिर है। इसलिए भारत की तरफ से ऐसा अनुरोध असामान्य नहीं है। असामान्य अमेरिका का उस अनुरोध के प्रति दिखाई गई बेकद्री है। अपेक्षित था कि ट्रंप के उस व्यवहार पर भारत सरकार तुरंत सार्वजनिक विरोध जताती। मगर ऐसा नहीं किया गया। अब घरेलू जनमत को संभालने के लिए ‘सरकारी सूत्रों’ से ब्रीफिंग कराई गई है कि मीडिया के सामने विदेशी नेताओं के साथ ट्रंप के ‘अप्रत्याशित व्यवहार’ के कारण उपरोक्त अनुरोध किया गया। इस बात में सच्चाई हो सकती है, लेकिन असल मुद्दा उस अनुरोध के प्रति का ट्रंप का रहा व्यवहार है।

Exit mobile version