बहुमत से दूर होती भाजपा आज जनसमर्थन की ताकत दिखाएगी

विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा को झटके पर झटके लगे जिसके कारण वह बहुमत के जादुई आंकड़े 116 से लगातार दूर होती जा रही है। प्रमुख विपक्षी दल भाजपा अब प्रदेश में आज सभी जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करके अपने साथ जनसमर्थन की ताकत दिखाएगी। इसके लिए पार्टी ने सभी वरिष्ठ नेताओं को मोर्चे पर तैनात किया है। सत्ताधारी दल कांग्रेस विपक्षी दल भाजपा को हर मोर्चे पर रोकने की कोशिश कर रही है। इसी के चलते रविवार को पूरे प्रदेश में कांग्रेस प्रवक्ताओं ने पत्रकार वार्ता के माध्यम से भाजपा को घेरने की पूरी कोशिश की है।

दरअसल, प्रदेश में इस समय कांग्रेस और भाजपा के बीच “तू डाल डाल मैं पात-पात” की स्थिति है विपक्षी दल के रूप में भाजपा को आंदोलन कर सरकार को घेरने मैं महारत हासिल है और इसी योग्यता के बल पर भाजपा पूरे देश में शून्य से शिखर तक पहुंची। जब कांग्रेस पूरे देश में सत्तारूढ़ हुआ करती थी तब वह भाजपा नेताओं के बयानों और उनके आंदोलनों को महत्त्व नहीं देती थी लेकिन अब कांग्रेस जहां-जहां सत्ता में है वह वहां-वहां पर भाजपा को पग-पग पर रोकने की कोशिश कर रही है।

बहरहाल, आज पूरे प्रदेश में भाजपा के दिग्गज नेता किसान कर्ज माफी और बिजली बिल हाफ करने को लेकर प्रदर्शन करेगी। 15 वर्षों तक प्रदेश में सत्ता पर काबिज रही भाजपा पिछले 10 महीनों में सत्ताधारी दल कांग्रेस से हर मोर्चे पर मात खा रही है। खासकर झाबुआ उपचुनाव की पराजय और हाल ही में पवई विधायक पहलाद सिंह लोधी की सदस्यता समाप्त होने के बाद भाजपा नेता समझ गए हैं कि यदि एकजुट होकर मुखर नहीं हुए तो न केवल विधायकों की संख्या कम होती जाएगी वरण समर्थकों की संख्या भी घटती जाएगी जैसा कि 2003 के बाद सत्ता से हटने के बाद कांग्रेस टूट रही थी, बिखर रही थी और सत्ता में लौटने में 15 वर्ष लग गए। ऐसी हालत भाजपा अपनी नहीं होने देना चाहती। यही कारण है कि वह अब तक केवल सरकार गिराने के बयान देते आई है लेकिन अब जमीन पर कांग्रेस सरकार को घेरने के लिए कमर कस रहे है। आज किसानों की मांगों को लेकर भाजपा जो आंदोलन करने वाली है इससे एक दिन पहले ही ही रविवार को कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं पर हमला बोल दिया है। कांग्रेस में अतिवृष्टि और बाढ़ के साथ ही विभिन्न मदों में प्रदेश सरकार का पैसा रोकने का आरोप लगाते हुए भाजपा के प्रदर्शन को किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने वाला बताया है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ मदद के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मिल चुके हैं। केंद्र सरकार दो बार सर्वे भी करा चुकी है। इसके बाद भी केंद्र सरकार ने एक पैसा नहीं दिया। भाजपा के प्रदेश के 28 सांसद भी किसानों की मदद के लिए अपने ही केंद्र सरकार से कोई बात नहीं कर रहे जबकि कर्नाटक को तुरंत राशि दी गई है। मध्यप्रदेश के साथ राजनीति की जा रही है। कांग्रेस में प्रदेशभर में हुई पत्रकार वार्ता के माध्यम से प्रदेश के अति वर्षा से 39 जिले प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा किसानों का नुकसान हुआ है 60.47 लाख हेक्टेयर की 16270 करोड़ों रुपए की फसलें बर्बाद हुई है। 1 लाख 20 हजार घरों को क्षति पहुंची है। कांग्रेस ने कहा कि जब देश की किसी भी प्रांत में इतनी बड़ी आपदा आती है तब केंद्र सरकार दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मदद करती है इसके चलते ही प्रदेश सरकार ने केंद्र से 6621. 28 करोड़ रुपए की मांग की है।

कुल मिलाकर आज भाजपा प्रदेश के सभी जिलों में किसानों की कर्ज माफी नहीं किए जाने तथा भारी भरकम बिजली बिल के विरोध में प्रदेश सरकार का विरोध करने के लिए प्रदर्शन करेगी। इसके लिए संगठन के निर्देश पर सभी दिग्गज नेता रात्रि तक जिला मुख्यालय में पहुंच जाएंगे और स्थानीय भाजपा नेता पिछले कुछ दिनों से आज के किसान आक्रोश आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। राजधानी भोपाल में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव नरसिंहपुर में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रीवा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।
लेकिन कांग्रेस में एक दिन पहले ही आंदोलन की हवा निकालने की कोशिश की है। यहां तक कि राजधानी भोपाल में धारा 144 लगा दी गई है। सभी जगह प्रशासन को भी निर्देश है। प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

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