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अपने-अपने दांव

दुनिया में नई लामबंदियां शुरू हो गई हैं। एक तरफ अमेरिका ने चीन को घेरने की अपनी योजना पर तेजी से अमल शुरू कर दिया है। उसने एक साथ चीन और रूस दोनों के प्रति हमलावर रुख अपनाया है। नतीजा यह हुआ है कि चीन और रूस अब ज्यादा करीब आने को मजबूर हो गए हैं। पिछले हफ्ते अमेरिका और चीन के बीच अलास्का नाकाम रही। वहां अमेरिका और चीन के मतभेद कड़वाहट के साथ खुल कर सामने आ गए। दूसरी तरफ एक टीवी इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन के ‘हत्यारा’ होने की राय से सहमति जता दी। चीन और रूस में इसकी तीखी प्रतिक्रिया होना लाजिमी है। तो रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बीजिंग यात्रा शुरू की है, जिसे चीन हाई प्रोफाइल बना दिया है। उधर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक के लिए ब्रसेल्स पहुंच गए हैं।

चीन का मानना है कि ब्रसेल्स में ब्लिंकेन की बातचीत का मुख्य एजेंडा चीन विरोधी रणनीति बनाना है। तो लावरोव की बीजिंग यात्रा को इसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। चीन के सरकार समर्थक अखबार ग्लोबल टाइम्स की ये टिप्पणी अहम है कि यूरेशिया क्षेत्र में कोई भी देश चीन और रूस के खिलाफ एक साथ लड़ने की बात नहीं सकता। दरअसल, कोई देश अलग- अलग भी उनका मुकाबला करने की स्थिति में नहीं हैं। आम मान्यता है कि ग्लोबल टाइम्स चीन सरकार की राय सामने रखता है। तो उसने चेताया है कि अमेरिका के साथ गठजोड़ करके चीन और रूस के साथ टकराव मोल लेने की किसी देश की कोशिश उसके लिए विनाशकारी साबित होगी। अमेरिका का भी उसमें निश्चित नुकसान होगा। साफ है कि लावरोव दो दिन की बीजिंग यात्रा सामान्य यात्रा नहीं है। इस पर दुनिया की निगाहें टिकी रहंगी। आधिकारिक रूप से कह गया है कि इस यात्रा के दौरान लावरोव चीन- रूस संबंधों को मजबूत करने के साथ- साथ साझा चिंता के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मसलों पर भी बातचीत करेंगे। इस बीच दोनों देश ईरान और म्यांमार को लेकर क्या कहते हैं और मानव अधिकारों के सवाल पर पश्चिम में हो रही दोनों देशों की आलोचना पर उनका क्या रुख उभर कर सामने आता है, दुनिया की ये जानने में भी दिलचस्पी रहेगी।

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BJP से जुड़ने का सर मुंडवा कर किया प्रायश्चित फिर गंगाजल से शुद्धि के बाद TMC में शामिल हुए 200 कार्यकर्ता
हुग्ली | बंगाल में एक के बाद एक लगातार भाजपा को झटके लग रहे हैं. इसके साथ ही भाजपा से टीएमसी में…

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BJP से जुड़ने का सर मुंडवा कर किया प्रायश्चित फिर गंगाजल से शुद्धि के बाद TMC में शामिल हुए 200 कार्यकर्ता

BJP sipporters are convertin to TMC

हुग्ली | बंगाल में एक के बाद एक लगातार भाजपा को झटके लग रहे हैं. इसके साथ ही भाजपा से टीएमसी में कार्यकर्ताओं के जाने का सिलसिला भी थमने का नाम नहीं ले रहा है. हालांकि यह जरूर देखा जा रहा है कि टीएमसी में जाने के लिए भाजपा के कार्यकर्ता कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं. इसके पहले खबर आई थी कि टीएमसी में शामिल होने के लिए कुछ कार्यकर्ता सड़क पर भूख हड़ताल के लिए बैठ गए जिसके बाद गंगाजल छिड़क कर उन्हें शामिल किया गया. आज फिर से बंगाल के हुग्ली से ऐसा ही एक मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार बिजली में भाजपा के 200 कार्यकर्ताओं ने अपना सर मुंडवा कर बीजेपी में शामिल होने का प्रायश्चित किया. उसके बाद गंगाजल से शुद्ध होकर टीएमसी में वापसी की.

flag of tmc and bjp

भाजपा से जुड़ने को बताया अपनी गलती

इन कार्यकर्ताओं से बात करने पर उन्होंने कहा कि भाजपा में जुड़ना इनकी सबसे बड़ी गलती थी. कार्यकर्ताओं का कहना है कि भाजपा में जुड़ने के कारण इनकी आत्मा भी अपवित्र हो गई. यही कारण है कि सर को मनवाने के बाद गंगाजल से स्नान करने पर ही टीएमसी में शामिल होना चाहते थे. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि टीएमसी की ओर से उन्हें इस प्रकार का दबाव नहीं डाला गया था. जानकारी के अनुसार हुगली के आरामबाग इलाके से सांसद अपरुपा पोद्दार ने गरीबों के लिए मुफ्त भोजन की व्यवस्था की थी. वहीं पर ये कार्यकर्ता आ पहुंचे और बीजेपी से टीएमसी में वापस आने की मंशा जाहिर की.

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बीरभूम में भी 300 कार्यकर्ता बैठे थे भूख हड़ताल पर

कुछ दिनों पहले बंगाल के ही वीर खून से भी ऐसी खबर मिली थी कि 300 के करीब भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़कर टीएमसी का दामन थाम लिया. उस समय भी कार्यकर्ताओं के गंगाजल से शुद्धि की खबरें आई थी. दूसरी और भाजपा इसे जान का डर बता रही है. भाजपा विधायकों और सांसदों का कहना है कि कार्यकर्ता बेचारा क्या करे यदि उसे जिंदा रहना है तो उसे टीएमसी के साथ जाना ही पड़ रहा है. वरना टीएमसी के गुंडे बेचारे कार्यकर्ताओं को जीने नहीं देंगे.

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