तवलीन सिंह की मायूसी

पत्रकार और स्तंभकार तवलीन सिंह को भरोसा था कि चूंकि उन्होंने पिछले पांच साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन किया है, इसलिए उनकी गुजारिश अनसुनी नहीं हो सकती। मगर ऐसा ही हुआ। इस पर तवलीन सिंह निराश हैं और ये निराशा उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार में लेख लिखकर जताई है। उन्हें तकलीफ इस बात की है कि उनके बेटे का भारतीय मूल के नागरिक का कार्ड (ओआईसी) मोदी सरकार ने रद्द कर दिया। लोकसभा चुनाव से पहले उनके बेटे आतिश तासीर का अमेरिकी पत्रिका ‘टाइम’ में एक लेख छपा था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्होंने ‘डिवाइडर ऑफ इंडिया’ बताया था। हालांकि गृह मंत्रालय का कहना है कि पत्रिका में छपे लेख और ओसीआई कार्ड रद्द करने की कार्रवाई का एक-दूसरे से कोई संबंध नहीं है। गृह मंत्रालय के मुताबिक आतिश तासीर ने ओसीआई के लिए दिए आवेदन में अपने पिता के नाम का जिक्र नहीं किया है, जो अति आवश्यक सूचना होती है। इसके लिए उन्हें 21 दिन का समय भी दिया गया, जबकि आतिश तासीर के मुताबिक उन्हें इस भूल को सुधारने के लिए सिर्फ चौबीस घंटे दिए गए। 38 वर्षीय आतिश तासीर ब्रिटिश मूल के पत्रकार और लेखक हैं। उनकी मां चर्चित भारतीय पत्रकार तवलीन सिंह हैं, जबकि उनके पिता पाकिस्तान के राजनेता और बड़े व्यवसायी थे।

तासीर नई दिल्ली में पले-बढ़े और उन्होंने तमिलनाडु के कोडईकनल से अपनी स्कूली पढ़ाई की। अमेरिकी पत्रिका टाइम के लिए वह स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर काम करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लेख लिखने की वजह से वह चर्चा में आए थे, जिसे पत्रिका ने अपनी कवर स्टोरी बनाया था। बताया जा रहा है कि आतिश तासीर ने कथित तौर पर यह तथ्य छिपाया कि उनके पिता पाकिस्तानी थे। तासीर के पिता सलमान तासीर पाकिस्तान के पंजाब सूबे के गवर्नर थे, जिनकी साल 2011 में उन्हीं के अंगरक्षक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार तासीर ओसीआई कार्ड के लिए अयोग्य हो गए हैं, क्योंकि ओसीआई कार्ड किसी ऐसे व्यक्ति को जारी नहीं किया जाता है जिसके माता-पिता या दादा-दादी पाकिस्तानी हों। जब आतिश को इस संबंध में नोटिस दिया गया, तब तवलीन सिंह ने ।

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