ट्रंप बनाम ग्रेटा थुनबर्ग

डोनल्ड ट्रंप और ग्रेटा थुनबर्ग एक समय एक जगह पर उपस्थित हुए। मौका डावोस सम्मेलन का था। वहां ट्रंप ने पर्यावरण कार्यकर्ताओं की चिंताओं को ‘निराशावाद’ कह कर खारिज कर दिया। स्विट्जरलैंड के शहर दावोस में होने वाले इस साल के सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग सबसे अहम मुद्दों में शामिल हैं।  हालांकि दुनिया के बढ़ते तापमान को कैसे रोका जाए, इस बारे में पर्यावरण कार्यकर्ताओं और सरकारों के बीच लगातार मतभेद बने हुए हैं। स्वीडन की युवा कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग ने विश्व के प्रमुख उद्यमियों की जलवायु परिवर्तन को रोकने की दिशा में कुछ ना करने के लिए आलोचना की। 17 वर्षीया थुनबर्ग ने कहा कि इसके लिए बहुत कुछ ज्यादा करने की जरूरत है। फोरम में भाग ले रहे दूसरे युवा कार्यकर्ताओं ने कहा कि राजनीतिक बदलाव के प्रयासों में युवा पीढ़ी को सक्रिय रूप से शामिल करना होगा। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि डर और संदेह ठीक नहीं हैं। उत्सर्जन को लेकर चिंताओं के बावजूद उन्होंने अमेरिका की इस बात के लिए तारीफ की कि वह दुनिया में प्राकृतिक गैसों का सबसे बड़ा उत्पादक है। पत्रकारों से बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- “मैं पर्यावरण में विश्वास रखने वाला व्यक्ति हूं। पर्यावरण मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” ट्रंप का भाषण ज्यादातर अपनी सरकार की उपलब्धियों से ही भरा हुआ था। किसी देश की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने नागरिकों के बारे में होती है। अपने नागरिकों को सबसे आगे रख कर ही सरकारें अपने राष्ट्रीय भविष्य में निवेश कर सकती हैं। ट्रंप के भाषण के बाद ग्रेटा थुनबर्ग ने विश्व नेताओं और बड़े उद्योगपतियों पर निशाना साधा। कहा कि आपकी पीढ़ी के विपरीत, मेरी पीढ़ी बिना लड़े हार नहीं मानेगी। सच्चाई सबके सामने हैं, लेकिन अब भी वे इस समस्या पर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। हमारे घर जल रहे हैं। आपके कदम ना उठाने की वजह से आग की लपटें हर घंटे भड़क रही हैं, और हम आपसे कदम उठाने को कह रहे हैं। कम से कम 50 देशों के राष्ट्र और सरकार प्रमुख विश्व आर्थिक फोरम में हिस्सा पहुंचे। यहां एक किशोर वय युवती को बोलने का मौका दिया गया, यह बहुत बड़ी बात है। इसकी वजह यही है कि ग्रेटा की अपील के बाद दुनिया भर में लाखों लोग जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सड़कों पर उतर चुके हैं। ये तो अच्छी बात है कि वैश्विक नेताओं ने उनकी बात सुनी, लेकिन उसका असर भी होगा,  यह मानने का अभी कोई आधार नहीं है।

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