निकालना चीनी फौजियों को है

इस समय जरूरत लद्दाख सेक्टर में उन सात जगहों को चीनी फौजियों से खाली कराने की है, जहां उन्होंने पिछले दो महीने से नया कब्जा लिया है। इस बीच खबर है कि चीन की सेना पूर्वी सेक्टर- यानी अरुणाचल प्रदेश से लगी सरहद पर भी अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। वहां चीनी सेना के जमाव के संकेत मिले हैं। इस पर देश में गुस्सा होना लाजिमी है। मगर ये अफसोसनाक है कि केंद्र सरकार इस गुस्से को कहीं और मोड़ने की कोशिश कर रही है। पहले चीनी प्रोडक्ट्स के बायकाट की मुहिम चलाई गई। मगर, जैसाकि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है, बंदरगाहों पर चीनी आयात को रोके रखने का ज्यादा नुकसान भारत के कारोबारियों को हो रहा है। अब इस गस्से को चीनी मोबाइल ऐप्स की तरफ मोड़ा गया है। भारत सरकार ने 59 मोबाइल ऐप्स पर बैन लगा दिया है। इनमें ज्यादातर टिक टॉक, यूसी ब्राउजर, लाइकी और शेयर इट जैसे लोकप्रिय ऐप्स हैं। सरकार ने कहा कि सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यह फैसला किया गया है।

सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि 1.3 अरब भारतीयों की प्राइवेसी और डाटा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही थीं। इन चिंताओं को देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए भी खतरा बताया गया है। मगर मुद्दा यह है कि अगर ये ऐप इतना बड़ा खतरा थे, तो उन्हें प्रतिबंधित करने की याद वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बढ़ते टकराव के समय ही क्यों आई? क्या इन्हें बहुत पहले रोक नहीं देना चाहिए था? सरकार का फैसला टिक टॉक के लिए खास तौर से बड़ा झटका है, जिनके भारत में अनुमानित 12 करोड़ यूजर हैं। जिन अन्य अहम ऐप्स को बैन किया गया है उनमें वीचैट भी शामिल है। दरअसल, चीनी ऐप्स पर बैन लगाने का फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव चल रहा है। इसी के चलते पिछले दिनों भारत के 20 सैनिक मारे गए। भारत और चीन के बीच सैंकड़ों किलोमीटर लंबी सीमा पर विवाद है। लेकिन हाल के हफ्तों में तनाव बहुत बढ़ गया है। यह पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। मगर इस समस्या का समाधान गलत निशानों पर गुस्से को केंद्रित करने से नहीं हो सकता। समस्या जहां है, वहीं उससे निपटना होगा।

5 thoughts on “निकालना चीनी फौजियों को है

  1. सही जगह बार किया है,बैल बुद्धि से काम नहीं चलेगा ,होशियार रहना पड़ेगा।
    चीन को चारो तरफ से घेरना पड़ेगा,तब उसको समझ आएगी।

    1. I think Indo- China border is huge area and there must some areas where where we can also encroach and then we negotiate or like ,they have shown encroached areas in their maps we can also almost the whole Indo- China border as Indo- Rubber border. Further more we recognise Tiwan as indendent nation.

  2. We should support our govt in this situation.our country is in safe hand of PM mody.he is a very honest&experienced politician.he has 15years experienced chief minister of an state.our ex defence ministetr Mr Anthony did not develop infra structure on China border .Reason given in parliament was that during war India will be defeated&same infrastructure will be used by China against India.Our present Govt have developed &still developing these areas and this is the only reason that China is hostile.Dear I am not a politician I am only true Indian I have seen 1965&1971war in my life.From my personal experience I can judge what is good or bad for nation.

  3. यह लेख है या चीनी एजेंडा ।

    महोदय,। लेखनी को कष्ट देने से पहले महामना चाणक्य को याद कर लेते तो अच्छा रहता।
    सिकंदर को महान बनाने का दुष्प्रचार भारत में नहीं चला? जरा सोचिए । क्यों?

    अपनी मुर्गी दाल बराबर ,का मुहावरा वक्त की नजाकत ने बदल दिया है । अपने आप पर भरोसा करना सीखो।

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