pegasus spyware case sc यह लोकतंत्र का उसूल है
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यह लोकतंत्र का उसूल है

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यूरोपीय संघ के न्याय आयुक्त डिडियर रेयंडर्स ने यूरोपीय संसद में कहा कि पेगासस स्पाईवेयर जासूसी विवाद के बाद कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और नेताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए तेजी से कानून बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अवैध फोन हैकिंग के अपराधियों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। Pegasus spyware case sc

भारत में अभी पेगासस जासूसी विवाद पर न्यायपालिका और सरकार के बीच टकराव जैसी हालत बनी हुई है, क्योंकि सरकार इस कांड की निष्पक्ष जांच कराने को तैयार नहीं है। लेकिन दुनिया के जिन देशों में लोगों की प्राइवेसी का सम्मान किया जाता है, वहां चर्चा इस बात पर शुरू हो चुकी है कि आगे ऐसी घटनाए रोकने के लिए क्या किया जाए। मसलन, यूरोपीय संघ के न्याय आयुक्त डिडियर रेयंडर्स ने यूरोपीय संसद में कहा कि पेगासस स्पाईवेयर जासूसी विवाद के बाद कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और नेताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए तेजी से कानून बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अवैध फोन हैकिंग के अपराधियों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। रेयंडर्स ने बताया कि यूरोपीय आयोग ने राष्ट्रीय सुरक्षा सेवाओं द्वारा अपने फोन के माध्यम से राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ अवैध रूप से जानकारी जुटाने के कथित प्रयासों की “पूरी तरह से निंदा” की है। ये दो टूक रुख है। यह बताता है कि यूरोपीय समाज में लोकतंत्र और मानव अधिकारों की कीमत है।

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इन उसूलों का तकाजा है कि कोई भी संकेत हो कि निजता में घुसपैठ हुई है, तो इसकी पूरी तरह से जांच की जानी चाहिए। साथ ही उल्लंघन के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए। तो यूरोपीय संघ के न्याय आयोग ने कहा है कि इस उसूल का सुनिश्चित करना यूरोपीय संघ के हर सदस्य देश की जिम्मेदारी है। उसने उम्मीद जताई है कि पेगासस के मामले में हर देश में सक्षम अधिकारी आरोपों की पूरी तरह से जांच करेंगे और लोगों का भरोसा बहाल करेंगे। अब भारत चाहे तो इस उदाहरण से सीख ले सकता है। लेकिन ऐसा होगा, इसकी कोई उम्मीद नहीं है। बल्कि भारतीय मीडिया की तो कोशिश यह होगी कि ऐसी खबरें भारत के लोगों तक पहुंचें ही नहीं। अगर पहुंच गईं, तो सरकार उसके बारे में अपना नैरेटिव समाज में पहुंचाएगी। पेगासस एक स्पाईवेयर है, जिसके जरिए स्मार्टफोन्स हैक करके लोगों की जासूसी की जा सकती है। यह पहली बार नहीं है जब पेगासस का नाम जासूसी संबंधी विवादों में आया हो। 2016 में भी कुछ शोधकर्ताओं ने कहा था कि इस स्पाईवेयर के जरिए कई देशों में सरकार से असहमत एक कार्यकर्ता की जासूसी की गई। फिलहाल भारतीय सुप्रीम कोर्ट में पेगासस विवाद पर सुनवाई चल रही है। कोर्ट के आदेश का बेसब्री से इंतजार यहां किया जा रहा है।

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