कांग्रेस में हकीकत जानने के लिए तहकीकात

दरअसल जब तक किसी भी नेता के बारे में उसके मोहल्ले और शहर में जाकर उसकी हकीकत का पता नहीं लगाया जाता अब तक वह अपने आभामंडल से नेताओं को दुविधा मैं डाले रहता है वही दल सफलता अर्जित करता है जो जमीनी स्तर से अपने नेताओं का फीडबैक लेता है अन्यथा राजनीति का जो दौर चल रहा है। उसमें नेताओं की परिक्रमा करके पद और टिकट हथिया लिए जाते है और इससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मठ कार्यकर्ता कि ना केवल उपेक्षा होती है वरुण वह निराश और हताश हो जाता है जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ता है।

बहरहाल कांग्रेस पार्टी ने 50 से ज्यादा एआईसीसी समन्वय क प्रदेश के प्रत्येक जिले मैं भेजें जो बूथ स्तर के पदाधिकारी से लेकर मंत्रियों तक की कुंडली तैयार कर रहे हैं पार्टी कार्यकर्ताओं से तो फीडबैक लिया ही जाएगा आम नागरिकों से भी पूछा जाएगा जिसमें यह भी पता लगाया जा रहा है इस सरकार की योजनाओं का जमीनी स्तर पर कितना असर हो रहा है समन्वयक पार्टी के नेताओं के बारे में बिंदुवार जानकारी जुटा रहे हैं।

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जिसमें नेता की पार्टी के प्रति निष्ठा कार्यकर्ताओं और आम आदमी के प्रति व्यवहार यहां तक कि यह भी अनुमान लगाएंगे यह किसी भी ताकि वोट शिफ्ट कराने की कितनी क्षमता है। साथ ही प्रदेश में पिछले 15 वर्षों में भाजपा की सरकार के दौरान भाजपा नेताओं के साथ कितनी नजदीकी र्थी कई भाजपा नेताओं के साथ व्यापारिक साझेदारी की भी कांग्रेसियों की रिपोर्ट पार्टी हाईकमान तक पहुंची थी और ऐसे ही कुछ कांग्रेसी सरकार बनने के बाद राजधानी में सक्रिय हो गए हैं। और भाजपा नेताओं की सलाह पर तबादले और व्यापारिक फैसले ले रहे हैं ।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जब कुछ जिलों से जमीनी रिपोर्ट मिली तब उसी के आधार पर नेताओं की कुंडली तैयार करवाने का फैसला लिया गया है पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में काग्रेस जिला अध्यक्षों की बैठक में मैं भी मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ लोगों ने बातें रखी जिससे पार्टी नेताओं को समझ में आ गया की जमीनी स्तर पर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है भले ही कुछ नेता भोपाल और दिल्ली में आकर काम करा ले जाते हो लेकिन जमीनी कार्यकर्ता अभी भी उपेक्षित और परेशान है भोपाल में भी उन नेताओं की सूची तैयार हो रही है जिन्होंने पिछले 1 साल में तबादले करा आने मैं कोई कसर नहीं छोड़ी है जबकि लोकसभा के चुनाव में उनके क्षेत्रों में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है।

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कुल मिलाकर सत्ता और संगठन को आगामी कुछ फैसले लेना है जिसमें मंत्रिमंडल विस्तार से लेकर विभिन्न निगम मंडलों में नियुक्तियां करना है जो कुंडली समन्वयक तैयार कर रहे हैं उससे पार्टी को सुविधा हो जाएगी कि किस का जनाधार है औरकौन हवा हवाई है इसी के आधार पर पार्टी फैसला लेगी जिससे कि कार्यकर्ताओं के बीच पार्टी का सकारात्मक वातावरण बन सके और पार्टी नगरी निकाय और पंचायती राज के चुनाव में सफलता पा सके।

जाहिर है कांग्रेश पार्टी में पहली बार जमीनी स्तर पर बिंदुवार नेताओं की कुंडली तैयार की जा रही है अन्यथा अब तक पार्टी में क्षत्रप नेताओं की सिफारिशें ही नेताओं का कद तय करती रही है लेकिन अब फीडबैक के आधार पर फैसला लिया जाएगा।

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