यूपी में कांग्रेस के सभी बड़े नेता नाराज!

कांग्रेस के जिन नेताओं को उम्मीद थी कि प्रियंका गांधी वाड्रा के उत्तर प्रदेश की कमान संभालने से देश के सबसे बड़े राज्य में पार्टी की स्थिति सुधर जाएगी और वह ढाई साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को अकेले दम पर टक्कर देने की स्थिति में होगी, उन्हें फिर से विचार करना होगा। प्रियंका के कमान संभालने के बाद राज्य में कांग्रेस की स्थिति सुधरने की बजाय और खराब होती जा रही है। यहां तक कि नेताओं के पार्टी छोड़ कर जाने का सिलसिला भी नहीं थम रहा है। पार्टी की पूर्व सांसद रत्ना सिंह का नाम इस सूची में सबसे ताजा है, जिन्होंने मंगलवार को कांग्रेस छोड़ी।
बहरहाल, प्रियंका गांधी वाड्रा ने महीनों की मशक्कत के बाद जो प्रदेश की टीम बनाई है, उसे लेकर सारे बड़े नेता नाराज हैं। लगभग सभी पुराने नेताओं को सलाहकार समिति में या रणनीति बनाने वाली समिति में रख दिया गया है। संभवतः एक भी बड़े नेता को पार्टी की मुख्य कमेटी में जगह नहीं मिली है। सबको पता है कि सलाहकार समिति या रणनीतिक बनाने वाली समिति का पार्टी चलाने में कितना रोल होता है।
पार्टी के जो नेता सक्रिय राजनीति से ऊपर उठ गए हैं या पहले प्रदेश अध्यक्ष रहें हैं उनकी बात छोड़ें तब भी कम से कम एक दर्जन ऐसे नेता हैं, जिनका प्रदेश की राजनीति में असर है। उनमें से ज्यादातर को मुख्य कमेटी से बाहर रखा गया है। मिसाल के तौर पर प्रियंका के करीबी माने जाने वाले अजय राय का जिक्र हो सकता है। पूर्वांचल की राजनीति में उनका बडा असर है। कांग्रेस उनको नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ाती रही है पर उन्हें कांग्रेस की मुख्य कमेटी में जगह नहीं मिली। इसी तरह वाराणसी के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा भी नाराज बताए जा रहे हैं क्योंकि उनको भी मुख्य कमेटी में नहीं रखा गया है।
सबसे ज्यादा अनदेखी पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की हुई है। उनके साथ केंद्रीय मंत्री रहे आरपीएन सिंह को केंद्रीय टीम में जगह मिली है और वे झारखंड के प्रभारी महासचिव हैं। पर जितिन प्रसाद को अपने प्रदेश में भी सिर्फ सलाहकार की भूमिका मिली है। एक और पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी के पुराने नेता श्रीप्रकाश जायसवाल भी नाराज बताए जा रहे हैं क्योंकि संगठन बनाते समय उनकी राय नहीं ली गई।
लंबे समय तक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे निर्मल खत्री को भी नहीं पूछा गया और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के दबंग नेता माने जाने वाले इमरान मसूद को भी प्रदेश कांग्रेस की मुख्य कमेटी में जगह नहीं मिली। अपनी अनदेखी से ये सारे नेता नाराज बताए जा रहे हैं। नई टीम बनाने के चक्कर में प्रियंका ने पुराने नेताओं को किनारे कर दिया। उनको इस बात की भी तकलीफ बताई जा रही है कि उनसे बात नहीं की गई या राय नहीं ली गई।

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