झारखंड, दिल्ली की पार्टियां चिंता में

वैसे तो दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ने अयोध्या में राम मंदिर पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है और इसका समर्थन करते हुए लोगों से कहा है कि वे इसका सम्मान करें और शांति बनाए रखें। पर असल में आप और कांग्रेस दोनों पार्टियों के नेताओं की चिंता बढ़ी है। दोनों को लग रहा है कि यह बड़ा चुनावी मुद्दा बनेगा। तभी दोनों के समर्थक सोशल मीडिया में कह रहे हैं कि फैसले के बाद शांति बनाए रखने की अपील करने वाले भाजपा के नेता वादा करें कि वे चुनाव में इसका मुद्दा नहीं बनाएंगे, पोस्टर नहीं छपवाएंगे और राममंदिर की तस्वीर लगा कर वोट नहीं मांगेंगे। पर साथ ही वे यह भी कह रहे हैं कि भाजपा ने शहीदों की फोटो लगा कर जब पुलवामा पर वोट मांग लिया तो अयोध्या तो उसका पुराना राजनीतिक मुद्दा रहा है।

इसी तरह झारखंड में दोनों बड़ी क्षेत्रीय पार्टियां- झारखंड मुक्ति मोर्चा और झारखंड विकास मोर्चा को इस फैसले के असर की चिंता है। दिल्ली में सत्तारूढ़ आप की तरह उनको भी लग रहा है कि भाजपा इसे चुनावी मुद्दा बना कर वोट मांगेगी। वहां भी दोनों पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का समर्थन किया है। पर उनको पता है कि चुनाव प्रचार में भाजपा के नेता जब प्रस्तावित मंदिर की फोटो लगा कर वोट मांगेंगे तो उसका उनके पास जवाब नहीं होगा। बिहार में अभी तुरंत चुनाव नहीं होने वाले हैं पर वहां भाजपा की सहयोगी जनता दल यू और मुख्य विपक्षी राजद की नजर भी झारखंड के चुनाव पर है। उनको इसी चुनाव से इस मुद्दे के असर का अंदाजा होगा।

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