अयोध्या पर भाजपा, कांग्रेस की तैयारी

अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद के भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले सत्तारूढ़ भाजपा और सबसे बडी विपक्षी पार्टी कांग्रेस दोनों अपनी अपनी तैयारी कर रहे हैं। ध्यान रहे भाजपा ने अपना दशकों पुराना यह स्टैंड बदल दिया है कि राम मंदिर आस्था का मामला है और अदालत इस पर फैसला नहीं दे सकती है। भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद से लेकर तमाम हिंदुवादी संगठन कह रहे हैं कि वे अदालत का फैसला मानेंगे, उससे संभावित फैसले का आभास सबको पहले से ही हो रहा है।

भाजपा और कांग्रेस दोनों उसी लिहाज से फैसले के दिन के लिए अपने को तैयार कर रहे हैं। कांग्रेस चाहती है कि वह जिस तरह से अनुच्छेद 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसले पर अचंभित रह गई थी और सही तरीके से प्रतिक्रिया नहीं दे पाई थी, वैसा इस बार नहीं हो। इस बार कांग्रेस पहले से अपना रिस्पांस तैयार कर रही है। सभी पार्टी प्रवक्ताओं को उसके लिए तैयार किया जा रहा है। पार्टी एक राय देना चाहती है और एकजुट दिखना चाहती है।

हालांकि अनुच्छेद 370 पर जिस तरह से पार्टी के कुछ नेताओं ने अपनी मर्जी से बयान दिए और पार्टी की राय से उलट सरकार के फैसले का स्वागत किया। उस तरह राम मंदिर पर भी होने की पूरी संभावना है। उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने मंदिर बनने का समर्थन कर दिया है। दूसरी ओर भाजपा नेताओं की इस सिलसिले में पिछले दिनों बैठक हुई। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने सारे प्रवक्ताओं और पार्टी के दूसरे नेताओं को निर्देश दिया है कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शांत और संयत तरीके से प्रतिक्रिया दें। पार्टी के नेताओं को यह भी समझाया गया है कि फैसले के बाद किसी तरह का जुलूस नहीं निकालें या प्रदर्शन नहीं करें। यहीं निर्देश राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की ओर से अपने स्वंयसेवकों और संघ से जुड़े अनुषंगी संगठनों के नेताओं को दिया गया है।

इस बीच खबर है कि भाजपा के मुस्लिम नेताओं को मुस्लिम संगठनों के संपर्क में रहने और उनसे बातचीत करते रहने को कहा गया है। मुस्लिम संगठन भी आपस में संपर्क में हैं और संभावित फैसले को लेकर अपना स्टैंड तय कर रहे हैं। उनकी ओर से भी कहा जा रहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानेंगे। कुछ मुस्लिम समूहों और उनके प्रतिनिधियों ने तो फैसले से पहले ही मंदिर निर्माण के लिए जमीन छोड़ने का प्रस्ताव भी दिया था। सभी पार्टियों और संबंधित पक्षों के साथ साथ सरकार भी अपनी तैयारी में है और अयोध्या व आसपास के इलाकों में सुरक्षा के जबरदस्त बंदोबस्त किए जा रहे हैं। अगले हफ्ते में फैसला आना है उससे पहले सबका ध्यान अयोध्या पर ही रहना है।

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