गांगुली क्या अब भाजपा के साथ?

मशहूर क्रिकेटर और दुनिया के महानतम क्रिकेट कप्तानों में से एक सौरव गांगुली क्या अंततः भाजपा के साथ जा रहे हैं? अब तक गांगुली ने अपने को राजनीति से दूर रखा है और साथ ही यह भी बहुत साफ तौर पर मैसेज किया है कि वे भाजपा के करीबी नहीं हैं। ध्यान रहे पांच साल पहले उनके भाजपा में शामिल होने की जोर शोर से चर्चा थी। तब वरुण गांधी पश्चिम बंगाल के प्रभारी महासचिव थे। लेकिन खबर लीक हो गई और गांगुली का भाजपा में कथित तौर पर शामिल होना टल गया। उसके बाद वे क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष बने और भारतीय क्रिकेट में कई तरह की भूमिका निभाते रहे।

अब वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड, बीसीसीआई के अध्यक्ष बन रहे हैं। यह भी खबर है कि भाजपा और खास कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मदद से गांगुली बीसीसीआई का अध्यक्ष पद हासिल कर रहे हैं। उनके साथ सचिव के तौर पर अमित शाह के बेटे जयेश शाह काम करेंगे और बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी अरुण सिंह ठाकुर निभाएंगे, जो केंद्रीय मंत्री और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के भाई हैं। सो, अब गांगुली चाहे सीधे तौर पर भाजपा के साथ जाएं या नहीं पर उनकी करीबी जाहिर हो गई है।

माना जा रहा है कि भाजपा ने 2021 के मई में होने वाले पश्चिम बंगाल के चुनाव को ध्यान में रख कर गांगुली को बीसीसीआई का अध्यक्ष बनाने का फैसला किया है। खबर है कि पूर्व क्रिकेट प्रशासक और कारोबारी एन श्रीनिवासन ने ब्रजेश पटेल को बीसीसीआई का अध्यक्ष बनाने के लिए अमित शाह से मुलाकात की थी। पर अनुराग ठाकुर ने सौरव गांगुली का नाम आगे किया। फिर कहा जा रहा है कि शनिवार को गांगुली ने भी शाह से मुलाकात की और उसके बाद उनके नाम पर अंतिम मुहर लगी। बीसीसीआई की नई टीम सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त पूर्व सीएजी विनोद राय की अध्यक्षता वाली कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर की जगह लेगी। ध्यान रहे समकालीन बंगाल में बंगाली मानस के लिए सौरव गांगुली सबसे बड़े आईकॉन रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares