एनडीए में तालमेल का सिस्टम नहीं

भाजपा की सहयोगी पार्टियां इस बात को लेकर परेशान हैं कि एनडीए में तालमेल बैठाने का कोई सिस्टम नहीं है। ऐसा कोई मेकानिज्म नहीं बना है, जिसमें सहयोगी पार्टियों के साथ भाजपा की बातचीत हो या सहयोगी आपस में भी तालमेल करके किसी मसले पर फैसला करें। तभी लोजपा नेता चिराग पासवान ने एनडीए के लिए समन्वय समिति बनाने की बात कही थी। भाजपा के भी नेता मान रहे हैं कि अगर एनडीए की सहयोगियों के साथ तालमेल बनाने का सिस्टम होता तो महाराष्ट्र में भी इतनी गड़बड़ी नहीं होती। यह भी कहा जा रहा है कि झारखंड में भाजपा की सभी सहयोगी पार्टियां अलग चुनाव लड़ रही हैं। जदयू, लोजपा, आजसू सबके साथ भाजपा का तालमेल हो सकता था। पर किसी ने इसकी जरूरत नहीं समझी।

बताया जा रहा है कि सहयोगियों की अनदेखी करने के भाजपा के रुख से सहयोगी पार्टियां नाराज हैं। पिछले दिनों पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल की सौवीं जयंती थे। उनके बेटे और अकाली दल के सांसद नरेश गुजराल चाहते थे कि इस मौके पर कुछ कार्यक्रम हों। उन्होंने स्पीकर को भी इसका प्रस्ताव दिया था। पर भाजपा की ओर से कोई पहल नहीं की गई। एक बड़ा कार्यक्रम हुआ, जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर शामिल हुए पर वह कार्यक्रम पूरी तरह से विपक्ष का कार्यक्रम बन गया। सारी चर्चा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की हुई। अब सहयोगी पार्टी झारखंड के चुनाव पर नजर रखे हुए हैं। अगर वहां भी महाराष्ट्र या हरियाणा जैसे हालात बनते हैं तो वे भाजपा पर दबाव बनाएंगे।

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