राज्यसभा के लिए अब किसकी बारी

भारतीय जनता पार्टी ने आखिरकार अपने महासचिव अरुण सिंह को राज्यसभा भेज दिया। उत्तर प्रदेश में खाली हुए राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव में पार्टी ने उनको उम्मीदवार बनाया है। वैसे उनको दो महीने पहले ही राज्यसभा जाने की उम्मीद थी पर तब पार्टी ने सुधांशु त्रिवेदी को सीट दे दी थी। बताया जा रहा है कि तब वे बहुत दुखी और नाराज हो गए थे। सो, पहला मौका मिलते ही पार्टी ने उनको राज्यसभा में भेजने का फैसला किया।

वे पार्टी के महासचिव हैं और ओड़िशा के प्रभारी होने के साथ साथ पार्टी कार्यालय के प्रभारी भी हैं। सो, उनको राज्यसभा का प्रत्याशी बनाए जाने से स्वाभाविक रूप से पार्टी कार्यालय में खुशी का माहौल है। उनको प्रत्याशी बनाए जाने के बाद पार्टी कार्यालय में इस बात के भी कयास लगाए जाने लगे हैं कि अब आगे किसकी बारी आने वाली है।

पार्टी और संघ से जुड़े एक नेता ने बताया कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने धीरे धीरे सारे पुराने नेताओं को राज्यसभा दे दी है। पार्टी कार्यालय में बैठने वाले लगभग सभी लोगों को उपकृत कर दिया गया है। इस बार अरुण सिंह जा रहे हैं। उनसे पहले सुधांशु त्रिवेदी राज्यसभा गए। पार्टी के मीडिया संयोजक अनिल बलूनी, जीवीएल नरसिंह राव, मुरलीधर राव आदि को पहले ही राज्यसभा दे चुकी है। दो प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थ नाथ सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री बन गए हैं।

सो, अब बचे हुए दो-चार लोगों की बारी है। अगली बारी में कहा जा रहा है कि महेंद्र पांडेय और श्याम जाजू की बारी आएगी। ये दोनों भी काफी अरसे से पार्टी कार्यालय से जुड़े रहे हैं। पार्टी के मीडिया सह प्रभारी संजय मयूख को इस बार फिर बिहार से एमएलसी बना दिए जाने की चर्चा है। सबसे ज्यादा अटकल शाहनवाज हुसैन और संबित पात्रा के नाम पर है। वे इन दिनों काफी सक्रिय हैं और पार्टी के प्रवक्ताओं में वे दोनों ही बचे हैं, जो किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। संबित पात्रा इस बार ओड़िशा की जगन्नाथपुरी सीट से लोकसभा का चुनाव भी लड़े पर हार गए।

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