कांग्रेस के आंदोलन का क्या होगा?

कांग्रेस पार्टी ने देश में आर्थिक मंदी के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी के नेताओं ने पहले देश भर में घूम कर प्रेस कांफ्रेंस की। कोई 45 प्रेस कांफ्रेंस करने की योजना थी। पर असल में कितनी प्रेस कांफ्रेंस हुई कम से कम आम लोगों को उसका पता नहीं चला। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं ने देश के अलग अलग हिस्सों में प्रेस कांफ्रेंस की पर वह क्षेत्रीय अखबारों छोटी मोटी खबर बन कर रह गई। इसके बाद कांग्रेस ने ऐलान किया कि वह पांच नवंबर से देश भर में इस मसले पर आंदोलन करेगी। लेकिन बाद में इसे बढ़ा दिया गया। कांग्रेस ने कहा कि आठ नवंबर से आर्थिक मंदी के खिलाफ देश में आंदोलन होगा।

अब सवाल है कि कांग्रेस के इस आंदोलन का क्या होगा? कांग्रेस के प्रदेशों के नेता भी इसे लेकर बहुत उत्साह में नहीं हैं। उनको लग रहा है कि मीडिया पूर्वाग्रह की वजह से उनके आंदोलन की खबर नहीं दिखा रहा है। इसी वजह से कांग्रेस नेताओं की प्रेस कांफ्रेंस की खबरें भी नहीं दिखाई गईं। इसके अलावा दो राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। झारखंड और दिल्ली दोनों राज्यों के नेता अपनी चुनाव की तैयारियों में बिजी हैं। महाराष्ट्र और हरियाणा में अभी चुनाव होकर हटे हैं इसलिए वहां के नेता अभी तुरंत किसी और आंदोलन में कूदना नहीं चाह रहे हैं। पंजाब में गुरू नानक देव की 550वी जयंती और करतारपुर कॉरीडोर का जोर है।

देश के आधे राज्यों में कांग्रेस के पास नेता नहीं हैं, न संगठन है और न कार्यकर्ता हैं। इसलिए वे आंदोलन की तैयारी कर तो रहे हैं पर किसी तरह का जोश उनमें नहीं है। ऊपर से इसी बीच देश भर में अयोध्या मामले पर फैसले की प्रतीक्षा हो रही है। कांग्रेस के नेता खुद ही कह रहे हैं कि उनके कार्यकर्ता और प्रदेश के नेता भी इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं। उनको लग रहा है कि इस समय लोग आर्थिक रूप से परेशान तो हैं पर वे अभी इस बारे में कुछ सुनना नहीं चाहते हैं। उनके ऊपर मंदिर का बुखार हावी है। तभी ऐसा लग रहा है कि यह कांग्रेस का फ्लॉप शो होने वाला है। इसलिए इसकी टाइमिंग तय करने वालों पर भी सवाल उठाया जा रहा है।

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