क्या नतीजों से पहले नड्डा को कमान?

तो क्या दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले ही जगत प्रकाश नड्डा भारतीय जनता पार्टी की कमान संभालेंगे? भाजपा में चल रही चर्चाओं के मुताबिक 15 जनवरी के बाद किसी भी समय उनको पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। कुछ जानकार नेता 20 जनवरी की तारीख बता रहे हैं तो कुछ जानकारों का कहना है कि 30 जनवरी को वसंत पंचमी के रोज उनको कमान मिलेगी। हालांकि अभी किसी तरह का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। राज्यों में भी पार्टी के संगठन चुनावों का काम पूरा नहीं हुआ है। तभी पार्टी के केंद्रीय चुनाव अधिकारी राधामोहन सिंह की ओर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम नहीं घोषित किया गया है।

हालांकि यह तय है कि कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ही अमित शाह के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। पर सस्पेंस उनके अध्यक्ष बनने की तारीखों को लेकर है। दिल्ली में विधानसभा के चुनाव आठ फरवरी को हैं और 11 फरवरी को नतीजे आएंगे। पहले कहा जा रहा था कि दिल्ली के चुनाव नतीजों के बाद ही नड्डा आधिकारिक रूप से पार्टी अध्यक्ष बनेंगे और कामकाज संभालेंगे। पर अब अचानक उनके दिल्ली के चुनाव नतीजों से पहले ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की चर्चा तेज हो गई है।

दिल्ली में कम से कम अभी भाजपा के चुनाव जीतने की दूर दूर तक संभावना नहीं दिख रही है। चुनावों की घोषणा के तुरंत बाद सामने आए इकलौते चुनाव सर्वेक्षण में भाजपा को दिल्ली की 70 में से आठ सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। आम आदमी पार्टी के 59 सीटें जीत कर फिर से सरकार बनाने की भविष्यवाणी की गई है। ऐसे में अगर चुनाव नतीजों से पहले नए अध्यक्ष की ताजपोशी होती है तो उनकी शुरुआत अच्छी नहीं रहेगी।

अगर नतीजों के बाद नड्डा अध्यक्ष बनते हैं तो काफी समय तक उनको नतीजों की चिंता नहीं करनी होगी। क्योंकि बिहार का चुनाव भाजपा अपने दम पर और अपने नाम पर नहीं लड़ेगी और अगले साल जिन पांच राज्यों में चुनाव होने हैं वहां भाजपा का बहुत कुछ दांव पर नहीं है। उसे सिर्फ असम की सत्ता बचानी होगी और अगर पश्चिम बंगाल में पार्टी जीत गई तो यह बड़ी उपलब्धि होगी।

बहरहाल, दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि अगर अमित शाह ही अध्यक्ष रहते हैं और दिल्ली में भाजपा चुनाव नहीं जीत पाती है तो शाह की अध्यक्ष पद से विदाई भी अच्छी नहीं रहेगी। दिल्ली से पहले उनकी कमान में पार्टी झारखंड का चुनाव हार चुकी है। तभी यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा पूरी ताकत लगा रही है कि पार्टी के सबसे सफल अध्यक्ष रहे अमित शाह की विदाई अच्छी हो और नड्डा के कार्यकाल का आगाज अच्छा हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares