रेलवे का फैसला 12 सदस्यों की समिति करेगी

रेलवे के निजीकरण की दिशा में सरकार एक कदम और उठाने जा रही है। एक निजी ट्रेन चलाने के बाद सरकार अब डेढ़ सौ ट्रेनें और 50 स्टेशन निजी हाथों में देने जा रही है पर इसका फैसला रेल मंत्री या रेलवे के अधिकारियों की टीम नहीं कर रही है इस बारे में फैसला 12 सदस्यों की एक समिति करेगी। इसमें रेलवे से जुडे कई संगठनों, जिनमें मजदूरों के संगठन भी हैं और यात्रियों के भी, उनसे कोई राय नहीं ली जा रही है। ऐसा लग रहा है कि सरकार ने फैसला पहले कर लिया है और उस पर एक समिति मुहर लगाएगी। पहले भी कई मामलों में ऐसा हो चुका है।

पहले के कई मामलों की तरह इसका भी सुझाव नीति आयोग की ओर से दिया गया है। स्टेशनों को विश्व स्तरीय बनाने के नाम पर नीति आयोग ने सुझाव दिया है कि इसे निजी हाथ में दे दिया जाए। जो 12 सदस्यों की समिति इस पर विचार करेगी उसमें नीति आयोग के सीईओ भी शामिल हैं। तभी सवाल है कि जब उन्होंने ही सुझाव दिया है और वे फैसला करने वाली कमेटी में शामिल हैं तो फिर फैसला क्या होगा यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। इसी तरह एकमात्र सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया को भी बेचने के लिए चार सदस्यों की समिति बन गई है और वह अगले महीने फैसला कर लेगी।

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