तेलंगाना कांड को लेकर साजिश थ्योरी!

हैदराबाद में पशु चिकित्सक युवती को अगवा करने, उसके साथ बलात्कार करने और हत्या करके जला देने की वीभत्स घटना के आरोपियों को पुलिस ने एक ‘मुठभेड़’ में मार गिराया है। मुठभेड़ की सचाई को लेकर हर आदमी को संदेह है। जो इसका समर्थन कर रहे हैं वे भी मान रहे हैं कि यह मुठभेड़ फर्जी हो सकती है। पुलिस की कहानी पर यकीन करने का कोई कारण नहीं दिख रहा है। पर सवाल है कि क्या इस नृशंस घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ देश में पनपे गुस्से और दुख की वजह से ही पुलिस ने यह कदम उठाया है या इसके पीछे कुछ और कारण हैं? कई जानकार इसके पीछे बड़ी साजिश देख रहे हैं।

आमतौर पर सोशल मीडिया में भाजपा का समर्थन करने वाले और कट्टर हिंदुत्व वाले लोग इसका समर्थन कर रहे हैं पर साजिश थ्योरी की बात करने वाले भी ज्यादातर वहीं लोग हैं। बताया जा रहा है कि मारी गई युवती गौ तस्करों के खिलाफ काम करती थी। उसने एक स्टिंग भी किया था, जिसका वीडियो उसके पास था। तभी कहा जा रहा है कि गौ तस्करों के बड़े गैंग के राज का पर्दाफाश न हो इसलिए आनन-फानन में यह कार्रवाई की गई। किसी बड़े आदमी को बचाने के लिए पुलिस की कार्रवाई होने की बात तो कई लोग कर ही रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि आरोपियों के जो नाम सामने आ रहे हैं वो बदला हुआ नाम है।

राज्य के गृह मंत्री मोहम्मद मेहमूद अली के पहले बयान की वजह से भी लोग शक जता रहे हैं। उन्होंने पहले कहा था कि लड़की जब खौफ में थी तो उसने पुलिस को फोन करने की बजाय अपनी बहन को फोन क्यों किया। उनका कहना था कि पुलिस को फोन करती तो बच जाती। दूसरे, पुलिस ने भी परिजनों की शिकायत पर पहले मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर दिया था। तभी सवाल उठ रहा है कि वह पुलिस और वह सरकार न्याय दिलाने को इतनी तत्पर कैसे हो गई कि सारे आरोपियों को मार गिराया?

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