कर्नाटक में क्या और विधायकों के इस्तीफे होंगे?

कर्नाटक में फिर राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू होता दिख रहा है। राज्य की 15 विधानसभा सीटों पर पांच दिसंबर को होने वाले उपचुनावों के नतीजे को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा के नेता बहुत भरोसे में नहीं हैं। कहा जा रहा है कि मुकाबला बराबरी का रह सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा छह-सात सीटें जीत जाए तो बहुत बड़ी बात होगी। अगर वह सात सीटें जीतती है तो उसकी संख्या 112 पहुंचेगी। फिलहाल दो सीटें खाली हैं और इसलिए बहुमत का आंकड़ा 112 का है। अगर भाजपा इतनी भी सीटें नहीं जीत पाई तो उसके लिए मुश्किल होगी।

दूसरी और कांग्रेस और जेडीएस दोनों फिर से साथ आने और साझा सरकार बनाने की तैयारी में लग गए हैं। उनका दावा है कि वे उपचुनाव में ज्यादातर सीटें जीतेंगे। फिलहाल कांग्रेस के 66 और जेडीएस के 34 विधायक हैं। बसपा के समर्थन से इनकी संख्या 101 की है। अगर ये दोनों पार्टियां 15 में से दस सीट भी जीतती हैं तो सरकार बनाने का दावा करेंगी। तभी कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा नए सिरे से ऑपरेशन लोट्स चला रहे हैं। कांग्रेस और जेडीएस के कुछ और विधायक भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने भी इस्तीफा करने का मन नहीं बनाया है। वे उपचुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। अगर नतीजे बराबरी के रहे तो वे इस्तीफा दे सकते हैं। लेकिन अगर भाजपा का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा तो वे इस्तीफा देने से डरेंगे। सो, सरकार की स्थिरता के लिए जरूरी है कि भाजपा का प्रदर्शन अच्छा हो।

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